महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के भद्रावती से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जहां एक पत्नी ने नौकरी और ग्रेच्युटी के पैसे पाने के लालच में अपने ही पति की सुपारी देकर हत्या करवा दी. इस पूरी साजिश में उसकी सहेली ने अहम भूमिका निभाई, जिसने न सिर्फ आइडिया दिया बल्कि पूरी योजना तैयार करने में भी मदद की. पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. घटना भद्रावती थाना क्षेत्र के घोड़पेठ परिसर की है, जहां हनुमान मंदिर के पास संदिग्ध हालत में 46 वर्षीय जिला परिषद शिक्षक रवींद्र कुलमेथे का शव मिला था. शुरुआत में मामला सामान्य मौत का लग रहा था, लेकिन जांच में यह एक सुनियोजित सुपारी किलिंग निकला. पुलिस के अनुसार इस साजिश की मास्टरमाइंड खुद मृतक की पत्नी 42 वर्षीय दीपमाला कुलमेथे है.
पुलिस और स्थानीय अपराध शाखा ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दीपमाला कुलमेथे और उसकी सहेली वर्षा परचाके को 3 मई को वरोरा से गिरफ्तार किया. वहीं अन्य दो आरोपी सोनू उर्फ प्रवीण कालोकर और नाजीर अंसारी को 4 मई की तड़के नागपुर से पकड़ा गया. पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या में इस्तेमाल की गई कार और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं. सभी आरोपियों को सोमवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 7 मई तक पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है.
कार में गला घोंटकर दिया वारदात को अंजाम
जानकारी के अनुसार 2 मई की सुबह करीब साढ़े 10 बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि कर्मवीर स्कूल के पास एक शव पड़ा है. मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि मृतक के गले में प्लास्टिक की थैली और उसके ऊपर सफेद दुपट्टा कसकर बांधा गया था, जिससे मामला संदिग्ध लग रहा था. घटनास्थल से मिले मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स के आधार पर मृतक की पहचान गड़चिरोली जिले के चामोर्शी तहसील निवासी रवींद्र तुलसीराम कुलमेथे के रूप में हुई.
शव का पोस्टमार्टम भद्रावती ग्रामीण अस्पताल में कराया गया, जिसमें गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई. इसके बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी दीपमाला को पूछताछ के लिए बुलाया. सख्ती से पूछताछ के दौरान उसने हत्या की साजिश रचने की बात कबूल कर ली. पुलिस के अनुसार दीपमाला अपने पति से कथित शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना से परेशान थी. इसी दौरान नागपुर में इलाज के समय उसकी मुलाकात वर्षा परचाके से हुई, जिसने उसे पति की हत्या का सुझाव दिया. इसके बाद दोनों ने मिलकर योजना बनाई और अन्य आरोपियों को शामिल कर करीब एक लाख रुपये में सुपारी दी.
योजना के तहत 29 अप्रैल को दीपमाला ने अपने पति को दिघोरी में एक रिश्तेदार के शादी समारोह में बुलाया. अगले दिन 30 अप्रैल को सोनू कालोकर और नाजीर अंसारी कार लेकर पहुंचे. दीपमाला ने अपने पति को कार में बैठाया और आरोपियों के हवाले कर दिया. इसके बाद आरोपियों ने उसे घोड़पेठ के सुनसान इलाके में ले जाकर कार के भीतर ही गला घोंटकर हत्या कर दी.
1 मई को आरोपियों ने दीपमाला को फोन कर काम हो गया की सूचना दी. पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पत्नी और मृतक पति कई वर्षों से अलग रह रहे थे. साथ ही पत्नी द्वारा सरकारी नौकरी पाने और ग्रेच्युटी के पैसे हासिल करने के लालच में इस हत्या को अंजाम देने की बात भी सामने आई है. घटनास्थल पंचनामा, कॉल डिटेल्स, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आरोपियों के कबूलनामे के आधार पर पुलिस ने यह साफ किया है कि यह पूरी तरह से पूर्व नियोजित हत्या थी. फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है.
चार आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
पुलिस थाने के इंस्पेक्टर योगेश पारधी ने बताया कि मृतक एक शिक्षक था, लेकिन वह ड्यूटी पर नियमित नहीं जाता था और अपनी पत्नी से अलग रहता था. पति-पत्नी के बीच संबंध ठीक नहीं थे. इसी वजह से सहेली के सुझाव के बाद पत्नी ने हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिया, ताकि उसे पति की नौकरी और ग्रेच्युटी के पैसे मिल सकें. यह मामला रिश्तों में आई दरार और लालच की एक खौफनाक तस्वीर पेश करता है, जहां एक पत्नी ने अपने ही पति की जान लेने के लिए सुपारी किलिंग का सहारा लिया.