आगामी नगर निकाय चुनावों से पहले मुंबई में आजतक के खास कार्यक्रम 'मुंबई मंथन' का आयोजन हुआ. कार्यक्रम के सेशन ‘मुंबई का मुद्दा’ में अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं ने बीएमसी इलेक्शन, मुंबई की राजनीति, गठबंधन और मेयर विवाद जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी. मंच पर बीजेपी, कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी), एआईएमआईएम और एनसीपी के प्रवक्ताओं के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली.
'जनता के भरोसे से मिलती है जीत'
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व राज्यसभा सांसद सैयद जफर इस्लाम ने कहा कि कोई भी चुनाव हो, बीजेपी पूरी ताकत के साथ लड़ती है. पार्टी में नेता और कार्यकर्ता सभी समान हैं और हर कोई अपनी भूमिका निभाता है, इसी वजह से बीजेपी को लगातार जीत मिलती है. उन्होंने कहा कि बीजेपी का लक्ष्य सत्ता नहीं बल्कि जनता की सेवा है. जनता के बीच जाकर समर्पित भाव से काम करने की वजह से पार्टी को लोगों का भरोसा और आशीर्वाद मिलता है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोगों को 10 जनपद से आशीर्वाद मिलता है, जबकि बीजेपी को जनता का आशीर्वाद प्राप्त है.
कांग्रेस का आरोप- सत्ताबल और धनबल का दुरुपयोग
कांग्रेस प्रवक्ता चरण सिंह सपरा ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि बीजेपी का फॉर्मूला सत्ताबल, धनबल और बाहुबल का खुला दुरुपयोग है. उन्होंने अंबरनाथ का जिक्र करते हुए कहा कि वहां 12 पार्षदों को तोड़कर ‘ऑपरेशन लोटस’ चलाया गया. उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन पहले राज्यसभा चुनाव, फिर राज्य सरकारों में चला और अब नगर परिषद तक पहुंच गया है. कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी ने तुरंत उन 12 पार्षदों को बिना कारण बताओ नोटिस के निष्कासित कर दिया, ताकि साफ संदेश जाए कि कांग्रेस में रहना है तो विचारधारा के साथ रहना होगा. उन्होंने सवाल किया कि बीजेपी ने अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की और क्या उनकी कोई नैतिक जिम्मेदारी नहीं है.
ठाकरे बंधुओं पर शिवसेना यूबीटी की भावुक दलील
शिवसेना (यूबीटी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आनंद दुबे ने ठाकरे बंधुओं के साथ आने के सवाल पर कहा कि राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे भाई हैं. उन्होंने राम और भरत का उदाहरण देते हुए कहा कि जब भाई मिलते हैं तो राज्य मजबूत होता है और दुनिया भाईचारे का संदेश देखती है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने राज ठाकरे को लेकर भ्रम फैलाया है. आनंद दुबे ने कहा कि राज ठाकरे हमेशा कहते रहे हैं कि जो उत्तर भारतीय 40-50 साल से मुंबई में रह रहे हैं और अच्छी मराठी बोलते हैं, वे भी मराठी ही हैं. लेकिन जब बीजेपी नेता निशिकांत दुबे झारखंड में बैठकर कहते हैं कि आओ मराठियों तुमको पटक-पटककर मारेंगे, तब राज ठाकरे भी कहते हैं और मैं भी कहता हूं. ये बीजेपी की नीति है, उत्तर भारतीय का सम्मान नहीं करना और उनके सम्मान में अगर कोई बात करे तो उसके साथ खड़े नहीं रहना. उन्होंने कहा, 'ईडी, सीबीआई, पैसा, कौड़ी, फौज तो इनकी सारी है... लेकिन जनता के आशीर्वाद से, आज भी मेरा नेता सब पर भारी है.'
मुस्लिम मेयर के बयान पर एआईएमआईएम का जवाब
एआईएमआईएम के प्रवक्ता और पूर्व विधायक वारिस पठान ने मुस्लिम मेयर को लेकर दिए गए बयान पर अपनी सफाई दी. उन्होंने कहा, 'बीजेपी के नेताओं ने कहा कि मुंबई का मेयर 'आई लव महादेव' वाला ही बनेगा. हिंदू ही बनेगा. पत्रकारों ने मुझसे सवाल किया. मैंने कहा कि ये लोग संविधान को मानते तो है नहीं. अगर इनके हिसाब से बन सकता है तो कोई मुसलमान क्यों नहीं बन सकता. मैंने कहा कि हिजाब पहनने वाली कोई भारतीय मुंबईकर भी बन सकती है. जब मुसलमान राष्ट्रपति बन सकते हैं. उपराष्ट्रपति बन सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट के जज बन सकते हैं. पीएम मोदी ने एमजे अकबर को कैबिनेट मंत्री बनाया. नकवी को मंत्री बनाया. उसके बाद मोहम्मद आरिफ राज्यपाल बने. कई मुसलमान मेयर भी बन चुके हैं. न्यूयॉर्क के अंदर मुस्लिम आबादी 7 प्रतिशत है, वहां एक मुसलमान मेयर बन सकता है. लंदन का मेयर मुसलमान बन सकता है तो मुंबई तो देश की आर्थिक राजधानी है. यहां क्यों नहीं बन सकता.'
एनसीपी का जोर- विकास और स्थानीय मुद्दों पर चुनाव
एनसीपी की विधायक और प्रवक्ता सना मलिक-शेख ने कहा कि गठबंधन लोकल समीकरणों को देखकर तय होते हैं, लेकिन मुंबई में असली मुद्दा विकास होना चाहिए. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी मुंबई में अपने दम पर चुनाव लड़ रही है और मुंबई के लोगों की समस्याओं पर बात करना जरूरी है. उन्होंने कहा कि मुंबई एक ग्लोबल डेवलपमेंट हब है और जो पार्टी या उम्मीदवार विकास, स्थानीय मुद्दों और सेक्युलर सोच के साथ आगे बढ़ेगा, जनता उसका साथ देगी. उन्होंने जोर दिया कि स्थानीय निकाय चुनाव इसी सोच के साथ होने चाहिए.