पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हाल ही में हुए गैस टैंकर हादसे ने आपातकालीन व्यवस्थाओं में मौजूद गंभीर खामियों को उजागर किया है. इस हादसे के कारण एक्सप्रेसवे पर यातायात 36 घंटे तक बंद रहा और करीब 22 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे लाखों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा. इस हादसे से सबक लेते हुए मुंबई उपनगर जिले के संरक्षक मंत्री आशीष शेलार ने बांद्रा-वर्ली सी लिंक, वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक (निर्माणाधीन) और कोस्टल रोड के लिए आधुनिक और मजबूत इमरजेंसी मैनेजमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत पर जोर दिया है.
शेलार ने इस संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक औपचारिक पत्र सौंपते हुए कहा कि इन महत्वपूर्ण मार्गों पर यदि किसी प्रकार की दुर्घटना, आग या प्राकृतिक आपदा होती है, तो त्वरित और प्रभावी राहत कार्य एक बड़ी चुनौती बन सकता है. उन्होंने कहा कि ऐसी किसी विपरीत परिस्थिति में कोस्टल रोड के भूमिगत सुरंगों और समुद्र के ऊपर बने हिस्सों में घायलों को निकालना, सुरक्षा बलों की त्वरित आवाजाही और आपात सेवाओं की समय पर पहुंच बेहद कठिन हो सकती है.
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इन्हीं संभावित जोखिमों को ध्यान में रखते हुए आशीष शेलार ने बांद्रा रिक्लेमेशन क्षेत्र में, सी लिंक के पास, एक हेलीपैड के तत्काल निर्माण की मांग की है. उन्होंने कहा कि इस स्थान पर पर्याप्त जगह उपलब्ध है और मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि संबंधित एजेंसियों को आवश्यक निर्देश देकर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. हेलीपैड के निर्माण से कोस्टल रोड और सी लिंक पर किसी भी आपात स्थिति में एयर एंबुलेंस के माध्यम से घायलों को तेजी से अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा.
इससे लीलावती अस्पताल समेत आसपास के प्रमुख अस्पतालों तक त्वरित पहुंच संभव होगी. साथ ही पुलिस, अग्निशमन विभाग, आपदा प्रबंधन एजेंसियों, एनडीआरएफ और अन्य विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा. आशीष शेलार ने कहा कि यह पहल देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगी.