महाराष्ट्र के अकोला जिले में 10 साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने बड़ा ऑपरेशन चलाकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. ऑपरेशन सावरगांव नाम से चलाए गए इस अभियान में 105 पुलिसकर्मियों ने लगातार 48 घंटे तक जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाया. आखिरकार आरोपी को सावरगांव के जंगल क्षेत्र से पकड़ लिया गया.
यह घटना 5 मई 2026 की है. चान्नी थाना क्षेत्र के सावरगांव गांव में 10 वर्षीय बच्ची घर पर अकेली थी. उसके माता-पिता मजदूरी के लिए बाहर गए हुए थे. इसी दौरान गांव के 60 वर्षीय आरोपी जगराम गोविंदा आडे ने घर में घुसकर बच्ची के साथ दुष्कर्म किया.
घटना के बाद आरोपी ने बच्ची को किसी को जानकारी देने पर जान से मारने की धमकी दी. बाद में बच्ची ने अपने परिवार को पूरी घटना बताई. इसके बाद 9 मई को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की.
रेप का आरोपी जंगल में छिपा था
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक ने तुरंत विशेष टीम गठित की. लेकिन आरोपी को पकड़ना आसान नहीं था. आरोपी के पास कोई मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक साधन नहीं था. पुलिस रिकॉर्ड में उसका कोई फोटो भी मौजूद नहीं था. साथ ही वह घने जंगल इलाके में छिपा हुआ था, जहां वाहन पहुंचना भी मुश्किल था.
आरोपी की तलाश के लिए स्थानीय अपराध शाखा की तीन टीमें, चान्नी थाना और बालापुर उपविभाग की पुलिस, आरसीपी की दो यूनिट, दो डॉग स्क्वॉड और चार ड्रोन कैमरे लगाए गए. वन विभाग और ग्रामीणों को भी अभियान में शामिल किया गया.
6 और 7 मई को पुलिस ने सावरगांव, चोंडी, वनदेव, वसाली, नवेगांव, पांगरताटी, झरंडी और शेकापुर के जंगल क्षेत्रों में पैदल तलाशी अभियान चलाया. भीषण गर्मी और कठिन हालात के बावजूद पुलिस लगातार जंगल में आरोपी की तलाश करती रही. आखिरकार 48 घंटे बाद पुलिस को सफलता मिली. वन विभाग और ग्रामीणों की मदद से आरोपी को जंगल से गिरफ्तार कर लिया गया.
पुलिस ने 48 घंटे में आरोपी को अरेस्ट किया
पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक ने बताया कि मामले में फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस 30 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है ताकि पीड़िता को जल्द न्याय मिल सके.