मायानगरी मुंबई में 36,154 बच्चे सड़कों पर रहते हैं. महाराष्ट्र की महिला और बाल विभाग की मंत्री फौजिया खान ने गुरुवार को यह जानकारी दी.
शिवसेना के विधान पार्षद दीपक सावंत और अन्य के सवालों के जवाब में मंत्री ने कहा कि यह आंकड़ा टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) की ओर से किए गए एक अध्ययन में सामने आया है.
विधान परिषद में खान ने कहा कि अध्ययन के दौरान यह भी पाया गया कि 905 बच्चे ट्रेन के डिब्बों में रहते हैं. उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक विशेष कार्य बल गठित किया है ताकि इन बच्चों को समाज की मुख्यधारा में लाया जा सके .