उत्तर प्रदेश की तरह ही मध्य प्रदेश में भी अब लव जिहाद के खिलाफ अध्यादेश को मंजूरी मिल गई है. मंगलवार को कैबिनेट ने धर्म स्वातंत्र्य अध्यादेश को मंजूरी दी. इस फैसले के बाद राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आजतक से बात की. उन्होंने कहा कि मामा पूरी फॉर्म में हैं और काम करने में लगे हैं.
शिवराज सिंह चौहान बोले कि धर्मांतरण कर, लालच देकर या फिर पहचान छिपाकर अगर शादी की जाएगी, तो उसके लिए सजा का प्रावधान किया गया है. शिवराज ने कहा कि उनके पास ऐसी कई शिकायतें आई हैं, जहां इस तरह का काम बेटियों के साथ किया जा रहा था.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि हम ऐसा नहीं होने देंगे, बेटियों को बचाएंगे. मामा पूरी फॉर्म में है और काम कर रहा है.
लोभ, लालच, भय, प्रलोभन देकर या कुत्सित इरादों से विवाह करना अथवा धर्मांतरण करवाना संज्ञेय अपराध है।
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj)
अधिनियम विरुद्ध सामूहिक धर्म परिवर्तन किये जाने पर 5 से 10 वर्ष का कारावास और एक लाख रुपये तक का अर्थदण्ड की सजा होगी।
देखें: आजतक LIVE TV
आपको बता दें कि यूपी सरकार पहले ही इस कानून को अमल में ला चुकी है और कई एक्शन भी लिए गए हैं. जिसके बाद एमपी सरकार ने इसका ऐलान किया था, पहले ये बिल के रूप में विधानसभा में आने वाला था. लेकिन अब अध्यादेश को मंजूरी दी गई है, जल्द ही कानूनी रूप में दिया जाएगा.
MP सरकार ने जो नया अध्यादेश पारित किया है, उसके मुताबिक प्रलोभन, धमकी, प्रपीड़न, विवाह या किसी अन्य कपट पूर्ण साधन द्वारा धर्म परिवर्तन कराने वाले या फिर उसका प्रयास या षड्यंत्र करने वाले को, 5 साल तक की जेल होगी. जबकि 25 हजार तक का जुर्माना लगेगा.
साथ ही अगर किसी नाबालिग या अनुसूचित जाति जनजाति की महिला/युवती के साथ किया जाता है तो इसके लिए 10 साल तक की सज़ा और 50,000 रुपए के अर्थदंड का प्रावधान है.