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एमपी: सरकार ने श्रम कानून में किया संशोधन, कारखानों का तीन महीने तक नहीं होगा निरीक्षण

कारखानों में काम करने की शिफ्ट अब 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे की कर दी गई है. बाजारों में भीड़ न हो, इसके लिए प्रदेश में दुकान खुले रहने का समय सुबह 8 से रात 10 बजे तक की जगह सुबह 6 से रात 12 बजे तक कर दिया गया है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर (PTI)
प्रतीकात्मक तस्वीर (PTI)

  • बगैर लाइसेंस के भी कार्य कर सकेंगे छोटे ठेकेदार
  • प्रदेश में अब सुबह 6 से रात 12 बजे तक खुलेंगी दुकानें

कोरोना वायरस की महामारी को फैलने से रोकने के लिए लागू किए लॉकडाउन के कारण ठप पड़ी उद्योग-धंधों की रफ्तार बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकारों ने प्रयास शुरू कर दिए हैं. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने श्रम कानूनों को 3 साल के लिए शिथिल कर दिया, वहीं मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने भी श्रम कानून में संशोधन कर कई बदलाव किए हैं.

कारखानों में काम करने की शिफ्ट अब 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे की कर दी गई है. साथ ही कारखानों, दुकानों, ठेकेदारों, बीड़ी निर्माताओं, मोटर परिवहन कर्मकार, मध्य प्रदेश भवन तथा अन्य संनिर्माण कर्मकार अधिनियम में आने वाली निर्माण एजेंसियों का पंजीयन और लाइसेंस भी अब एक दिन में ही मिल सकेगा. कारखाना लाइसेंस नवीनीकरण अब एक साल की बजाय दस साल पर कराया जा सकेगा. यह घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को की.

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नए कारखानों का पंजीयन/ लाइसेंस जारी करने की ऑनलाइन व्यवस्था होगी. स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए उन्हें सिर्फ एक बार पंजीयन कराना होगा. नवीनीकरण करवाने की जरूरत नहीं होगी. उन्होंने दुकानदारों को भी राहत देते हुए कहा कि दुकानें खोलने के लिए निर्धारित समय-सीमा में भी बदलाव किया गया है. बाजारों में भीड़ न हो, इसके लिए प्रदेश में दुकान खुले रहने का समय सुबह 8 से रात 10 बजे तक की जगह सुबह 6 से रात 12 बजे तक कर दिया गया है.

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सरकार की ओर से किए गए इस संशोधन के तहत कारखाने तीन माह के लिए फैक्ट्री इंस्पेक्टर के निरीक्षण से मुक्त होंगी. फैक्ट्री खुद चुने गए थर्ड पार्टी निरीक्षक से कारखाने का निरीक्षण करवा सकेंगे. पहले थर्ड पार्टी निरीक्षक को पंजीकृत करने का कार्य मुंबई से होता था. अब इसके लिए प्रदेश के लेबर कमिश्नर को ही अधिकार दे दिया गया है.

सरकार ने छोटे ठेकेदारों को भी राहत दी है. 50 से कम श्रमिक नियोजित करने वाले ठेकेदार बिना पंजीयन के भी कार्य कर सकेंगे. सरकार ने ठेका श्रम अधिनियम के तहत इस छूट के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है.

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इन श्रम सुधारों से कोरोना की महामारी से प्रभावित उद्योगों और व्यापार को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश की जाएगी. बदली हुई परिस्थितियों में पुराने उद्योग अपने स्थान परिवर्तन पर विचार कर रहे हैं, वहीं नए उद्योग अपने लिये अनुकूल वातावरण वाले स्थान को प्राथमिकता दे रहे है. बंद आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिये श्रम सुधारों को लागू किया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संकट के बाद उद्योगों के लिए सकारात्मक माहौल बनाने के लिए ये कदम उठाए गए हैं.

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