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हेमंत सोरेन बोले- किसी में दम नहीं, उनकी सरकार गिरा दें... बीजेपी ने किया तीखा पलटवार

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का दावा है कि उनकी सरकार को अस्थिर करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है. इस खेल के पीछे बीजेपी है. हालांकि बीजेपी ने सोरेन के बयान पर तीखा पलटवार किया है.

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हेमंत सोरेन (फाइल फोटो) हेमंत सोरेन (फाइल फोटो)

झारखंड में 'कैश कांड' और तीन कांग्रेसी विधायकों की गिरफ्तारी के बाद माना जा रहा है कि हेमंत सरकार पर सियासी खतरा टल गया है. खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बयान बता रहा है कि वह आत्मविश्वास से लबरेज हैं. उनका कहना है कि उनके विरोधी में इतना दम नहीं कि वे उनकी सरकार अस्थिर कर दें. विरोधी यानी बीजेपी अक्षम है. 

हालांकि बीजेपी का कहना है कि हेमंत सोरेन को बीजेपी फोबिया है. बीजेपी विधायक सीपी सिंह ने कहा कि जब पार्टी (बीजेपी) अक्षम है तो क्यों सरकार गठन के बाद से ही जेएमएम के मन में भय है कि कोई उनकी सत्ता को अस्थिर कर सकता है या कर रहा है. बीजेपी कहीं खेल में नहीं है. 'कैश कांड' में पकड़े गए कांग्रेस के विधायक हैं. वहां संतरे की तरह बिखराव है. झारखंड कांग्रेस के चीफ (राजेश ठाकुर) पार्टी को संभाल नहीं पा रहे है और बीजेपी को अक्षम कहा जा रहा है. जब पार्टी ने कोशिश ही नहीं की तो कुछ भी करने की तो, अक्षमता की बात कहां से आती है.

इस बीच सीएम हेमंत सोरेन ने आजतक से बातचीत में कहा कि विरोधियों में इतनी दम नहीं कि झारखंड में वे सरकार गिरा दें. यह राज्य दूसरे धातु की बनी है. यहां महाराष्ट्र और कर्नाटक की तरह दाल गलना मुश्किल है.

वहीं, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर कहते हैं कि बीजेपी को झारखंड में विफलता मिली है. वह महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा और मध्य प्रदेश का खेल यहां दोहरा नहीं पाए. कांग्रेस ने पैसे के साथ पकड़े गए विधायक पर करवाई की और बीजेपी की चाल को नाकाम किया. धनबल से लोकतंत्र खरीदने की कोशिश बीजेपी शुरू से करती रही है. आखिर क्यों बंगाल सीआईडी टीम की जांच में बीजेपी सहयोग नहीं कर रही है? ED को तो झारखंड में किसी ने नहीं रोका था, फिर बंगाल की सीआईडी टीम को वहां क्यों रोका गया? साफ है बीजेपी जुगत में लगी थी, लेकिन यहां उसकी चाल नाकाम रही.

बता दें कि 30 जुलाई को पश्चिम बंगाल पुलिस ने हावड़ा में कांग्रेस विधायकों की SUV गाड़ी से भारी मात्रा में कैश बरामद किया था. कैश इतना ज्यादा था कि पैसे गिनने वाली मशीनें मंगवानी पड़ी थीं. बाद में मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे बंगाल सीआईडी को ट्रांसफर कर दिया गया. यह टीम जांच के लिए गुवाहाटी एयरपोर्ट गई थी. इससे पहले वे कोई जांच कर पाते, वहां की पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया. विधायकों की गाड़ी में कैश और बंगाल की सीआईडी टीम को हिरासत में लेने पर अब झारखंड की राजनीति में उबाल दिख रहा है.

 

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