झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में गैस सिलेंडर की किल्लत का मुद्दा जोरदार तरीके से गूंजा. सदन के बाहर इस मुद्दे पर सत्तापक्ष के विधायक विरोध प्रदर्शन करते नजर आए. झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और आरजेडी के विधायकों ने एलपीजी सिलेंडर की किल्लत और बढ़ती कीमतों के खिलाफ हाथों में गैस सिलेंडर का रिप्लिका लेकर विधानसभा परिसर के बाहर और अंदर प्रदर्शन किया. विधायकों ने संसद से नरेंद्र मोदी गायब, देश से सिलेंडर गायब जैसे नारों वाले पोस्टर भी दिखाए और केंद्र सरकार पर जनता को परेशान करने का आरोप लगाया.
विधानसभा में उस समय गहमागहमी बढ़ गई जब राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी खुद रिक्शा चलाते हुए सदन पहुंचे. उनके पीछे सीट पर कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की बैठी हुई थीं और उनके हाथ में महंगाई के खिलाफ नारे लिखे पोस्टर थे.
रिक्शा चलाकर सदन पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी
शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए हमले और उसके बाद मध्य पूर्व एशिया में बनी नाजुक स्थिति ने भारतीय अर्थव्यवस्था की पोल खोल दी है. उनका कहना था कि इससे केंद्र सरकार की विदेश नीति की विफलता भी सामने आई है.
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने भी केंद्र की नीतियों पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जब राज्य के मंत्री ही पेट्रोलियम संकट और गैस की किल्लत का सामना कर रहे हैं तो आम लोगों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने देश को रिक्शे पर ला दिया है.
सदन शुरू होते ही प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष के मंत्री और विधायक गैस सिलेंडर के कटआउट के साथ स्पीकर के सामने विरोध प्रदर्शन करने लगे. इस दौरान कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी को चुनौती देते हुए कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण जनता परेशान है और घरेलू गैस की आपूर्ति ठप हो गई है.
ईरान संकट और महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना
वहीं बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि सत्तापक्ष गैस की किल्लत का रोना रोकर राजनीति कर रहा है और राज्य को अराजकता की ओर धकेलने की कोशिश कर रहा है. जेडीयू नेता सरयू राय ने भी कहा कि सरकार ने खुद नंबर जारी कर बताया है कि गैस की किल्लत नहीं है और उपभोक्ताओं को सिलेंडर मिल रहा है.
सदन के बाहर सत्तापक्ष के मुख्य सचेतक मथुरा महतो ने कहा कि केंद्र सरकार ने जनता को सड़क पर लाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. उन्होंने कहा कि अच्छे दिन के वादे की सच्चाई अब सामने आ चुकी है. वाम दल के विधायक अरूप चटर्जी ने भी सवाल उठाते हुए कहा कि अगर गैस की किल्लत नहीं है तो देश भर में रेस्टोरेंट, खाने पीने की दुकानों और उद्योगों पर असर क्यों पड़ रहा है.
स्पीकर के हस्तक्षेप के बाद शांत हुआ सदन का हंगामा
सदन में लगातार नारेबाजी और हंगामे के बीच स्पीकर के हस्तक्षेप के बाद स्थिति शांत हुई. कुल मिलाकर गैस सिलेंडर की किल्लत का मुद्दा पूरे दिन विधानसभा में छाया रहा.