जम्मू कश्मीर में अमन और शांति की कोशिश एक बार फिर रंग लाई है. इस बार एक मां की अपील पर आतंक का रास्ता छोड़ बेटा घर लौट आया है. जम्मू कश्मीर पुलिस प्रमुख शेश पॉल वैद ने एक ट्वीट में यह घोषणा की, लेकिन आतंकवादी या उसके परिवार की पहचान नहीं बताई.
वैद ने कहा, बेटे से आतंकवाद छोड़कर घर लौटने की एक और मां की अपील का असर हुआ है. भगवान परिवार पर कृपा बनाए रखे और अन्यों को रास्ता दिखाए.
Another mothers’ appeal to her son to shun militancy & return home gets response, God bless the family & show path to others.
— Shesh Paul Vaid (@spvaid)
कश्मीरी महिला, मयमूना मुश्ताक बुधवार को श्रीनगर के प्रेस एंक्लेव में अचानक पहुंचीं और आनन-फानन में हुए एक संवाददाता सम्मेलन में अपने लापता बेटे से वापस आने की अपील की. महिला का बेटा (19) कुछ दिन पहले लापता हो गया था. मंगलवार को सोशल मीडिया पर उसकी तस्वीरें सामने आईं, जिसमें उसके लश्कर-ए-तैयबा में शामिल होने की घोषणा की गई थी.
आतंक की राह छोड़ते युवा
यह पहला मौका नहीं है जब कोई युवक आतंक का रास्ता छोड़ कर रहा है. पिछले साल में कश्मीर के दर्जनों युवाओं ने आतंकवाद का रास्ता छोड़ा है. पिछले दिनों CRPF की ओर से एक हेल्प लाइन नंबर 14411 जारी किया गया था, जिसके जरिए घाटी में सरेंडर की चाह रखने वाले युवा एजेंसी की मदद ले सकते हैं.
आतंकी की राह से लौटने में मदद करने वाली इस हेल्प लाइन को 'मददगार' का नाम दिया गया है. यह उन भटके हुए युवाओं की मदद करेगी जो घाटी में आतंक की राह पर चल पड़े हैं और अब वापस मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं. यह कदम फुटबॉलर से आतंकी बने माजिद के सरेंडर के बाद उठाया गया है जो आतंकियों का साथ छोड़ वापस अपने घर लौटा था.