ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद संभावित विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए श्रीनगर के कई हिस्सों में प्रतिबंध लगाए गए हैं. लाल चौक क्षेत्र को सील कर दिया गया है और सुरक्षा बलों ने ऐतिहासिक घंटा घर (Clock Tower) के आसपास आने-जाने पर रोक लगा दी है ताकि किसी तरह की सभा या प्रदर्शन न हो सके.
कश्मीर घाटी में सभी स्कूल और एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स आज और कल के लिए बंद रहेंगे. कश्मीर यूनिवर्सिटी ने भी मौजूदा परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है. सुरक्षा बलों ने शाल्टेंग इलाके में विरोध मार्च को रोकने के दौरान भारी आंसू गैस के गोले दागे.
कई प्रदर्शनकारी हिरासत में
शिया समुदाय के लोग खामेनेई की मौत के खिलाफ मार्च निकालना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोकते हुए कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया. इस दौरान डीजीपी, एडीजी और आईजीपी कश्मीर मौके पर पुलिस कार्रवाई की निगरानी कर रहे थे.
सुरक्षा कारणों से कश्मीर घाटी में मोबाइल इंटरनेट की गति भी सीमित कर दी गई है, ताकि वायरल वीडियो और विरोध प्रदर्शनों से बढ़ते तनाव को काबू में रखा जा सके. संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और लोगों की आवाजाही पर नजर रखी जा रही है.
'बल प्रयोग या प्रतिबंध लगाने से बचे पुलिस'
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि खामेनेई की हत्या पर शोक व्यक्त करने वालों को शांतिपूर्ण रूप से अपनी भावनाएं व्यक्त करने की अनुमति मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा, 'जम्मू और कश्मीर में जो लोग शोक मना रहे हैं, उन्हें शांतिपूर्वक शोक व्यक्त करने दिया जाना चाहिए. पुलिस और नागरिक प्रशासन को पूरी संयम के साथ काम करना चाहिए और अनावश्यक बल प्रयोग या प्रतिबंध लगाने से बचना चाहिए.' उन्होंने यह भी कहा कि विदेशों में निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार लगातार विदेश मंत्रालय के साथ कोऑर्डिनेट कर रही है.