जम्मू-कश्मीर में अब कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस का पुराना गठबंधन टूट चुका है. कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में 87 सीटों पर अकेले ही चुनाव लड़ेगी.
कांग्रेस महासचिव गुलाम बनी आजाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके नेशनल कॉन्फ्रेंस से गठबंधन टूटने का औपचारिक ऐलान किया. उन्होंने यह भी साफ किया कि पार्टी चुनाव में सभी सीटों पर अकेले ही उतरेगी.
प्रदेश के सीएम उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर पर इस बात की सफाई दी कि उन्होंने गठबंधन टूटने का ऐलान क्यों नहीं किया. उन्होंने लिखा, 'मैंने उनसे कहा कि इसका ऐलान नहीं करूंगा, क्योंकि मैं अवसरवादी नहीं दिखना चाहता.'
I met the Mrs Gandhi 10 days ago & thanked her for all her support. I conveyed NC's decision to fight the elections alone 1/n
— Omar Abdullah (@abdullah_omar)
I explained the reasons but also told her I wouldn't be making a public announcement because I didn't want it to look opportunistic 2/n
— Omar Abdullah (@abdullah_omar)
For it to be spun now as a Cong decision is wrong & a complete distortion of the facts, not surprising but incorrect none the less 3/3
— Omar Abdullah (@abdullah_omar)
इन दोनों पार्टियों का गठबंधन तो लंबे अरसे से चल ही रहा था, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और प्रदेश के सीएम उमर अब्दुल्ला के बीच भी अच्छी दोस्ती है.
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) पहले ही विधानसभा चुनाव के लिए अपना नजरिया साफ कर चुकी है. पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि उनकी पार्टी विधानसभा चुनाव अपने दम पर लड़ेगी.
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में द्विसदनीय व्यवस्था है. विधानसभा के सदस्य सीधे जनता द्वारा चुने जाते हैं, जबकि विधान परिषद के सदस्यों का चुनाव विधानसभा के 87 सदस्य करते हैं. राज्य विधानसभा का छह वर्षों का कार्यकाल अगले साल जनवरी में पूरा हो रहा है. चुनाव इस साल के अंत तक होने वाले हैं. सरकार बनाने के लिए किसी को 44 सीटों की दरकार होती है.
बहरहाल, देखना है कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस अकेले कहां तक सीटें बटोर पाती है.