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हिमाचल: कोरोना मरीज का शव ले जा रही एंबुलेंस का रास्ता रोका, कांग्रेस नेता समेत 20 पर केस दर्ज

कांग्रेस नेता की पहचान मंडी जिला महिला कांग्रेस प्रमुख सुमन चौधरी के तौर पर हुई है. सुमन चौधरी के साथ तीन पार्षदों और 16 अन्य के खिलाफ IPC की विभिन्न धाराओं के तहत भी आरोप हैं.

मंडी जिला महिला कांग्रेस प्रमुख सुमन चौधरी मंडी जिला महिला कांग्रेस प्रमुख सुमन चौधरी

  • मंडी जिला महिला कांग्रेस प्रमुख सुमन चौधरी पर केस
  • तीन पार्षदों और 16 अन्य के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज

हिमाचल प्रदेश पुलिस ने कांग्रेस की एक महिला नेता, तीन पार्षदों और 16 अन्य लोगों पर Covid-19 मरीज के अंतिम संस्कार में बाधा डालने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है. इन पर महामारी रोग एक्ट का उल्लंघन करने के आरोप लगाए गए हैं.

कांग्रेस नेता की पहचान मंडी जिला महिला कांग्रेस प्रमुख सुमन चौधरी के तौर पर हुई है. सुमन चौधरी के साथ तीन पार्षदों और 16 अन्य के खिलाफ IPC की विभिन्न धाराओं के तहत भी आरोप हैं.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सुमन चौधरी और अन्य ने सड़क पर आकर एम्बुलेंस के रास्ते को रोक दिया. उस वक्त Covid-19 बीमारी से दम तोड़ने वाली एक महिला के शव को अंतिम संस्कार के लिए एम्बुलेंस से ले जाया जा रहा था. रास्ता ब्लॉक करने वाले अधिकतर लोग कंसा और तन्वा गांवों के रहने वाले थे. सुमन चौधरी के दोहरे मानदंडों को लेकर जहां सवाल उठ रहे हैं, वहीं इस तरह के बर्ताव ने प्रदेश कांग्रेस के लिए दिक्कत बढ़ाई है.

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महिला कांग्रेस नेता ने एक ओर सोशल मीडिया हैंडल पर ‘कोरोना वॉरियर्स’ के लिए चिंता जताते हुए कहा था- “कोरोना को हराना है, मानवता को बचाना है.” वहीं दूसरी तरफ एक ऐसी महिला के शव को ले जा रही एम्बुलेंस का रास्ता रोका जिसकी मौत कोरोना वायरस से हुई.

मंडी के श्री लाल बहादुर शास्त्री सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल, नरचौक में सोमवार को 63 वर्षीय महिला की मौत हुई थी. महिला के शव को मंगलवार को पैतृक आवास ले जाया जा रहा था. तभी रास्ते में कांग्रेस नेता और उनके समर्थकों ने हंगामा किया.

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यह पहला मौका नहीं है जब हिमाचल प्रदेश में किसी Covid-19 मरीज के अंतिम संस्कार से पहले लोगों ने हंगामा किया हो. इससे पहले हमीरपुर में दरअसल उस मामले की जांच जारी है. तब एक युवक की बिलासपुर में संस्थागत क्वारनटीन में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. तब राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों पर ऐसे आरोप लगे थे कि कोरोना वायरस मरीजों के साथ इलाज के दौरान ठीक बर्ताव नहीं किया जा रहा.

मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने कुछ अधिकारियों के बर्ताव को गंभीरता से लिया है और जांच के आदेश दिए. बिलासपुर में कुछ अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है.

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