गुड़गांव में महाजाम से मुसीबत अभी भी जारी है. शुक्रवार दोपहर बाद से फिर से शुरू हुई बारिश के कारण मुसीबत और बढ़ सकती है. इलाके में एहतियातन धारा 144 लागू है. पुलिस ने दिल्ली के लोगों से गुड़गांव की तरफ नहीं आने की अपील की है, डीजी ने बैठक के बाद एडवाइजरी भी जारी की है. वहीं नोएडा में महामाया फ्लाईओवर से सेक्टर 135 तक भारी जाम लगा हुआ है.
नोएडा सेक्टर 37 से कालिंदी कुंज के बीच 5 km लंबा जाम लगा हुआ है. भारी बारिश ने लोगों की मुसीबत और बढ़ा दी है. नोएडा एक्सप्रेस वे पर भी 7
किलोमीटर लंबा जाम लगा हुआ है. सड़कों पर गाड़ियों की अंतहीन कतार नजर आ
रही है. दिल्ली में भी आईटीओ और लक्ष्मीनगर इलाके में शाम के वक्त भारी जाम लगा रहा.
सड़क पर गुरुवार शाम 6 बजे से लगे के मद्देनजर गुड़गांव के कई स्कूलों में छुट्टी की घोषणा कर दी गई है. एनएच-8 और सोहना रोड पर सबसे अधिक और लंबा जाम लगा है. ताजा जानकारी के मुताबिक, इफको चौक से जाम हट गया है, लेकिन हीरो होंडा चौक पर अभी भी जाम लगा हुआ है. हालात से निपटने के लिए मुख्य सचिव ने जिम्मेदार विभागों साथ की बैठक की. गुड़गांव पुलिस ने ट्वीट कर लोगों से अपील की है कि अगर वह दिल्ली से सड़क के रास्ते गुड़गांव की तरफ आ रहे हैं तो न आएं.
गडकरी ने NHAI को दिए निर्देश
जाम के मद्देनजर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष से बात की है. मंत्री ने निर्देश दिया है कि एनएचएआई के अधिकारियों को तत्काल एनएच-8 पर भेजा जाए. इसके साथ ही प्राधिकरण के दल को राज्य के कर्मचारियों के साथ मिलकर जाम हटाने में मदद करने को कहा गया है. एनएचएआई के चेयरमैन डवलपमेंट पर रिपोर्ट बनाकर गडकरी को सौंपेंगे.
...और वापस ऑफिस चला गया
अकाउंटिंग पेशेवर अजय प्रताप ने बताया, 'मैं कल (गुरुवार) शाम सात बजे ऑफिस से निकला. मैं पांच घंटों में सिर्फ 500 मीटर की दूरी ही तय कर सका. इसके बाद मैंने सड़क पर अपनी कार खड़ी की और वापस ऑफिस जाने का फैसला किया.'
ट्रक की छतों पर गुजरी रात
गुड़गांव की सभी प्रमुख सड़कों दिल्ली-जयपुर हाइवे, हीरो होंडा चौक, एनएच-8 पर जाम की वजह से गाड़ियां रेंग रही हैं. जाम में फंसे लोगों का हाल बुरा है. भूख, प्यास और थकान से बेहाल लोगों को पूरी रात सड़क पर गुजारनी पड़ी. कई लोगों ने ट्रक की छतों पर रात काटी. जाम के कारण नाइट शिफ्ट वाले ऑफिस नहीं पहुंच पाए, वहीं गुरुवार शाम की शिफ्ट करने वाले ऑफिस से घर नहीं पहुंच पाए.
Heavy traffic jam on Delhi-Jaipur highway in Gurugram due to water logging following heavy downpour
— ANI (@ANI_news)
सीएम खट्टर का गुड़गांव दौरा रद्द
एक ओर जहां सड़क पर लोगों की सब्र का बांध टूट रहा है, वहीं प्रशासन यातायात सुचारू करने के लिए मशक्कत कर रही है. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी पहले हालात का जायजा लेने के लिए वाले थे, लेकिन अब चंडीगढ़ से खबर आई है कि उनका दौरा रद्द हो गया है. वह गुड़गांव में जाम की हालात पर अपने कार्यालय से नजर बनाए हुए हैं.
हटाई जा रही हैं सड़क पर खराब पड़ी गाड़ियां
गुड़गांव पुलिस ने ट्वीट कर बताया कि नेशनल हाइवे नंबर-8 और सोहना रोड पर जाम लगा हुआ है. जलजमाव और गाड़ियों के ब्रेकडाउन के कारण कई जगह ट्रैफिक धीमा है. सड़क पर खराब पड़ी गाड़ियों को हटाने का काम भी प्रशासन की ओर से किया जा रहा है. गुड़गांव से मानसरोवर जयपुर की ओर पूरी तरह से ब्लॉक है. यहां तक की गुड़गांव शहर के अंदर के चौक तो पूरी तरह से जाम हैं.

दोषियों पर होगी कार्रवाई
शहर में धारा 144 भी लगा दी गई है. डीसीपी सत्यप्रकाश ने बताया कि जो भी जाम के लिए दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और 3 दिन में सड़कों की हालत में सुधार के निर्देश दिए गए हैं.
Heavy traffic jam in Gurugram on Delhi-Jaipur highway due to water logging following monsoon showers.
— ANI (@ANI_news)
इधर जाम उधर सियासत
गुड़गांव जाम पर सियासत भी शुरू हो गई है. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुड़गांव जाम के लिए सीधे केंद्र और बीजेपी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर निशाना साधा है. कांग्रेस उपाध्यक्ष ने ट्वीट कर जाम में एंबुलेंस के फंसने को लेकर भी चिंता जताई. हालांकि लोगों ने डिवाइडर पर लगे ग्रिल को तोड़कर एंबुलेंस को बाहर निकाल लिया.
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने ट्वीट किया, 'बीजेपी ने जैसे ही ठीकरा दूसरों के सिर पर फोड़ा और हो गया. आवाजाही करने वालों के लिए कितनी परेशानी का वक्त है, खास तौर पर जाम में घंटों फंसे एंबुलेंस के लिए.'
'जुमलों से जाम नहीं खुलेगा'
वहीं, दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया, 'गुड़गांव का नाम गुरुग्राम रखने से विकास नहीं होता. विकास के लिए योजनाएं बनाना और उन पर अमल करना जरूरी होता है. जुमलों से जाम नहीं खुलेगा.'
गुड़गांव का नाम गुरुग्राम रखने से विकास नहीं होता। विकास के लिए योजनाएं बनाना और उनपर अमल करना ज़रूरी होता है। जुमलों से जाम नहीं खुलेगा।
— Manish Sisodia (@msisodia)