पिछले कई महीनों से केंद्र सरकार भारत में धार्मिक स्थानों के पर्यटन पर काफी जोर दे रही है. उसी कड़ी में गुजरात सरकार एक कदम आगे बढ़ रही है. गुजरात सरकार ने हाल ही में मझगांव डॉक के साथ इसके लिए MoU साइन किया है. इसके अनुसार भगवान श्री कृष्ण की नगरी द्वारका के समुद्री किनारे पर सबमरीन से पर्यटन शुरू किया जाएगा.
ऐसा भारत में पहली बार होने जा रहा है, जब समंदर में पानी के नीचे सबमरीन से पर्यटन का लुत्फ लोग उठा सकेंगे. इसके साथ ही भगवान श्रीकृष्ण की नगरी द्वारका में सबमरीन से दरियाई जीव सृष्टि को देखने का मौका लोगों को मिलेगा. गुजरात सरकार ने मजगांव डॉक के साथ करार किया है.
माना जा रहा है कि साल 2024 की दिवाली तक इस प्रोजेक्ट को साकार करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें सबमरीन में बैठकर समंदर में 100 मीटर नीचे पर्यटकों को ले जाया जाएगा. वहां जाकर लोग अंडरवाटर मरीन लाइफ का मजा ले पाएंगे. अभी इस प्रोजेक्ट के सिर्फ MoU हुए हैं.
गुजरात टूरिज्म के MD सौरभ पारधी ने आज तक से खास बातचीत में कहा कि यह प्रोजेक्ट अपने आप में अलग प्रोजेक्ट है. इससे समुद्री पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. द्वारका के पास समंदर में पर्यटकों को सबमरीन से ले जाया जाएगा. वहां वह आराम से अंडरवाटर मरीन लाइफ को देख पाएंगे. इसका मुख्य लक्ष्य गुजरात में पर्यटन को बढ़ावा देना और धार्मिक स्थान पर आ रहे पर्यटकों को ज्यादा सुविधाएं देने का है.
सबमरीन में 24 पर्यटकों की होगी व्यवस्था
बताया जा रहा है कि सबमरीन में एक साथ 24 पर्यटकों के बैठने की व्यवस्था होगी. इसे दो अनुभवी पायलट और प्रोफेशनल क्रू के साथ भेजा जाएगा. पानी के 300 फिट नीचे यानी पानी के अंदर करीब 100 मीटर नीचे द्वारका आईलैंड की समुद्री विशेषताएं देखने को मिलेगी. इसमें हर एक व्यक्ति के पास व्यू विंडो रहेगा, जहां से लोग मरीन लाइफ को देख पाएंगे.
यात्रियों सुरक्षा का भी रखा जाएगा पूरा ध्यान
इस प्रोजेक्ट को साकार करने के लिए आर्कियोलॉजिकल सर्वे भी हो चुका है. प्रोजेक्ट फीजिबिलिटी रिपोर्ट भी तैयार की जा चुकी है. अगर यह प्रोजेक्ट अपने समय में पूर्ण हुआ, तो देश में ऐसा पहला प्रोजेक्ट होगा, जिसमें समंदर के नीचे सबमरीन में लोग पर्यटन का लुफ्त उठाएंगे.