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केंद्रीय मंत्री के जन्मदिन पर रक्तदान कर लौट रहे युवक की बेरहमी से हत्या, BJP कार्यकर्ता और उसके बेटे पर हत्या का आरोप

सूरत के डिंडोली इलाके में हुई आशीष सिंह राजपूत की नृशंस हत्या ने पूरे गुजरात की राजनीति और कानून-व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है. एक तरफ नेक काम के लिए रक्तदान और दूसरी तरफ बेरहमी से कत्लेआम की इस घटना ने लोगों में भारी रोष पैदा कर दिया है.

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होटल में नशे की हालत में हंगामे से शुरू हुआ था विवाद.(Photo:ITG)
होटल में नशे की हालत में हंगामे से शुरू हुआ था विवाद.(Photo:ITG)

गुजरात के सूरत शहर के डिंडोली इलाके से सामने आई हत्या की एक वारदात वाकई दिल दहला देने वाली है. एक तरफ एक युवक केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल के जन्म दिन के उपलक्ष्य में आयोजित रक्तदान कैंप में रक्तदान करके लौट रहा था और दूसरी तरफ आपसी रंजिश में कई लोगों ने मिलकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी. युवक की हत्या करने की साजिश रचने में भाजपा का कार्यकर्ता और हत्या करने में उसके पुत्र की मुख्य भूमिका होने का आरोप मृतक का परिवार लगा रहा है.

दरअसल, 15 मार्च को आशीष अपने साथियों के साथ रक्तदान कर नीलगिरी इलाके से लौट रहा था, जैसे ही वे डिंडोली तालाब के पास श्री कृष्ण एसी मॉल के नजदीक अपनी कार से उतरे, घात लगाकर बैठे 8-10 हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया. हमलावरों ने कार के अंदर ही चाकू और कोयता से आशीष को गोद डाला. गंभीर रूप से घायल आशीष को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

2 महीने पुरानी रंजिश
परिजनों के अनुसार, हत्या की पटकथा मकर संक्रांति के दिन लिखी गई थी. BJP कार्यकर्ता पवन सिंह का बेटा अभिषेक सिंह आशीष के भाई के होटल में नशे में हंगामा कर रहा था. आशीष ने उसे रोका तो उसने जान से मारने की धमकी दी थी. पीड़ित परिवार का आरोप है कि इस हत्या के पीछे बीजेपी के सक्रिय कार्यकर्ता पवन सिंह और स्थानीय पार्षद अमित सिंह राजपूत के दफ्तर से जुड़े लोगों का हाथ है.

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परिवार का आक्रोश
सूरत पुलिस के ACP नीरव सिंह गोहिल ने बताया कि इस मामले में मुख्य आरोपी अभिषेक उर्फ अंशु सहित 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है. हालांकि, परिवार का आरोप है कि डिंडोली पुलिस राजनीतिक दबाव के कारण पवन सिंह और आकाश सिंह का नाम FIR में जोड़ने में आनाकानी कर रही थी.

मृतक की पत्नी और मां ने न्याय की मांग करते हुए कहा है कि जब तक सभी साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी नहीं होती, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे. पत्नी ने पुलिस कमिश्नर दफ्तर में रोते हुए कहा, "मेरे दो छोटे बच्चे हैं, मुझे मेरा पति वापस ला कर दीजिए."

उधर, पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में ले लिया है. आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है. पुलिस ने आश्वासन दिया है कि परिवार के नए बयानों के आधार पर पर्दे के पीछे के साजिशकर्ताओं पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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