राजकोट में एक रिटायर्ड टीचर को हनीट्रैप में फंसाकर लाखों की उगाही करने की शिकायत मिली. इसमें कहा गया कि पीड़ित को जमीन दिखाने के बहाने राजकोट बुलाया गया. बाद में उन्हें एक होटल में ले जाकर जबरन संबंध बनाए गए और आपत्तिजनक तस्वीरें व वीडियो लेकर उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया. आरोपियों ने 40 लाख रुपये की मांग की, जिस पर 12 लाख रुपये ट्रांसफर भी दिए.
12 लाख में डील होने के बाद पीड़ित ने आरटीजीएस के माध्यम से पैसे ट्रांसफर कर दिए. आरोपी ने फिर से और पैसों की मांग की और मामला पुलिस तक पहुंच गया. इसके बाद क्राइम ब्रांच ने कुछ ही घंटों में दो महिलाओं सहित 3 आरोपियों को अरेस्ट कर कार्रवाई शुरू कर दी. गिरफ्तार आरोपियों में नीलेश झुंझा, पायल पटेल और तेजल टिंडानी शामिल हैं.
दरअसल, बोटाद में रहने वाले 59 साल के पीड़ित अक्टूबर 2025 में रिटायर हुए. वे अपनी जीवनभर की पूंजी और सेवानिवृत्ति के बाद मिली राशि से जमीन खरीदना चाहते थे. उनकी मुलाकात पायल पटेल नाम की महिला से हुई. पायल और रिटायर्ड टीचर की पहली मुलाकात करीब एक साल पहले बोटाद में एक स्कूल कार्यक्रम के दौरान हुई थी.
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पायल ने कहा था कि वह जमीन कारोबार से जुड़ी है. उसने मीठी-मीठी बातों से टीचर का विश्वास जीत लिया. पायल ने टीचर को कॉल कर बताया कि राजकोट के पास एक कृषि भूमि बिक्री के लिए है, वे इसे देखना चाहें तो राजकोट आ सकते हैं. टीचर जमीन खरीदने के इरादे से सहमत हो गए.

पायल और टीचर अहमदाबाद के उजाला सर्कल के पास मिले, वहां से वे पायल की कार में राजकोट के लिए रवाना हो गए. राजकोट पहुंचते ही पायल ने ग्रीनलैंड चौकड़ी से एक और महिला को साथ लिया और फिर वे एक होटल में रुके.
होटल रूम में पहुंचते ही शुरू हुआ खेल
होटल के कमरे में पहुंचने के बाद पायल ने नाटक रचा और यह कहते हुए कमरे से बाहर निकल गई कि मैं जमीन मालिक-पार्टी को फोन करने जा रही हूं. पायल के जाने के बाद कमरे में मौजूद एक अन्य महिला अचानक अपने कपड़े हटाने लगी.
इसी बीच एक और महिला कमरे में दाखिल हुई और शिक्षक पर संबंध बनाने का दबाव डालने लगी. जब शिक्षक ने विरोध किया तो महिलाओं ने धमकी दी कि अगर बात नहीं मानी तो उसे POCSO और रेप केस में फंसा दिया जाएगा. इस गैंग ने टीचर से संबंध बनाए और आपत्तिजनक तस्वीरें व वीडियो रिकॉर्ड कर लिए.
वीडियो के आधार पर टीचर को ब्लैकमेल किया जाने लगा. बदनामी का डर दिखाकर आरोपियों ने शुरू में 40,00,000 रुपये की मांग की. काफी बहस और मिन्नतों के बाद 12,00,000 रुपये में डील हुई.
टीचर ने दबाव में आरटीजीएस के माध्यम से पायल पटेल के खाते में 12,00,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए. हालांकि, इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद भी गिरोह का लालच शांत नहीं हुआ और वे और पैसे के लिए धमकाते रहे.
हिम्मत जुटाकर पुलिस के पास पहुंचा पीड़ित
तंग आकर और हिम्मत जुटाकर टीचर ने पुलिस की शरण ली. राजकोट क्राइम ब्रांच के एसीपी ने बताया कि तकनीकी निगरानी और मुखबिरों से सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने पायल पटेल, नीलेश झुंझा और तेजल टिंडानी को गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं कि पायल पटेल को साल 2025 में अंकलेश्वर में हनीट्रैप के मामले में अरेस्ट किया गया था. तेजल टिंडानी के खिलाफ राजकोट में वसूली और आपराधिक साजिश के मामले भी दर्ज हैं. इस गिरोह में शामिल एक अन्य महिला आरोपी अंजली सोलंकी अभी भी फरार है, उसकी गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है.