जम्मू कश्मीर में देश की सुरक्षा के लिए अपनी जान देने वाले मोहम्मद आरिफ पठान को राजकीय सम्मान के साथ आज बुधवार को सुपुर्द ए खाक किया गया. दरअसल, पाकिस्तान की ओर से सीजफायर उल्लंघन में आरिफ पठान को सीने में गोली लगी थी.
सीमा पर शहीद होने वाले जवान मोहम्मद आरिफ पठान का परिवार गुजरात के वडोदरा में नवायार्ड इलाके में रहता है. पाकिस्तान ने सीजफायर उल्लघंन कर फायरिंग की. इस दौरान आरिफ को गोली लगी और वे शहीद हो गए. वहीं आरिफ के शहीद होने की खबर से पूरे वडोदरा में गम का माहौल है.
आरिफ पठान के पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर वडोदरा हवाईअड्डे पर लाया गया. जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इसके बाद आज सुबह आरिफ पठान की अंतिम यात्रा भी निकाली गई. जिसमें बड़ी तादाद में वडोदरा के लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए शामिल हुए. वहीं हजारों लोगों ने हवाई अड्डे से भारत मात की जय के नारे के साथ बहादुर जवान मोहम्मद आरिफ को सलामी दी.
आरिफ की अंतिम यात्रा में क्रिकेटर यूसुफ पठान भी शामिल हुए. उन्होंने ट्वीट कर आरिफ की मौत पर शोक जताया.
Paid condolence visit to the family of Arif Pathan, a brave young soldier in the #IndianArmy, who was martyred. His mortal remains were brought back to Vadodara yesterday and handed over to his family today. May Allah give strength to the family to overcome this loss.
— Yusuf Pathan (@iamyusufpathan) July 24, 2019
आरिफ पठान के दोस्तों का कहना है कि आरिफ बचपन से ही मजबूत इरादों वाला इंसान था. आरिफ की बचपन से ही चाहत थी कि वो बड़ा होकर देश के लिए कुछ करे. बचपन से ही वह सेना के साथ जुड़ना चाहता था. आरिफ के भाई ने बताया कि मंगलवार सुबह 8 बजे उनके पास सेना के कैंप से फोन आया. उन्हें बताया गया कि आरिफ को सीने में गोली लगी है. उसके बाद 10 बजे दोबारा फोन आया और बताया कि उनकी मौत हो गई है. आरिफ जम्मू कश्मीर के उधमपुर स्थित अखनूर बॉर्डर पर तैनात थे.