राजनीति में अक्सर भाई-भतीजावाद के आरोप लगते हैं, लेकिन गुजरात के मेहसाणा से एक ऐसी खबर आई है जो लोकतंत्र की असल ताकत को दिखाती है. महेसाणा भाजपा ने एक मिसाल पेश करते हुए अपने कार्यालय में पिछले 28 सालों से चपरासी का काम करने वाले एक निष्ठावान कार्यकर्ता को चुनावी मैदान में उतारा है. ऐसे में आइए जानते हैं कि ये शख्स कौन है?
दरअसल मेहसाणा के भाजपा जिला कार्यलय में पिछले 28 वर्षों से रमेश भील चाय पिलाने और दफ्तर की देखरेख का काम कर रहे हैं. लेकिन इस बार की चुनावी लिस्ट ने सभी को चौंका दिया. क्योंकि भाजपा ने अपनी समर्पण नीति को दोहराते हुए वार्ड नंबर-13 से रमेश भील को अपना उम्मीदवार घोषित किया है.
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28 साल से बिना लालच चाय बांट रहे हैं रमेश
रमेश भील महज एक कर्मचारी नहीं, बल्कि पार्टी के वो पुराने सिपाही हैं जिन्होंने सालों तक बिना किसी लालच के संगठन की सेवा की. अब पार्टी ने उनकी इसी मेहनत का फल टिकट देकर दिया है. हालांकि "सिर्फ रमेश भील ही नहीं, मेहसाणा भाजपा ने सांगठनिक चेहरों पर भी भरोसा जताया है. जिला भाजपा कार्यालय मंत्री जयेश प्रजापति की पत्नी नयना प्रजापति को भी पार्टी ने चुनावी जंग में उतारा है. पार्टी के इस फैसले से कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है.
चर्चा में बना चाय पिलाने वाले को टिकट देना
जहां एक तरफ बड़े नेताओं के बीच खींचतान मची रहती है, वहीं एक 'चाय पिलाने वाले' को टिकट मिलना चर्चा का विषय बना हुआ है. अब देखना यह होगा कि जनता अपने इस सेवक को नगर निगम की कुर्सी तक पहुंचाती है या नहीं? फिलहाल भाजपा ने चाय पिलाने वाले कर्मचारी को जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है. पार्टी के बड़े नेताओं की रमेश भील के पक्ष में प्रचार किया जा रहा है.
(इनपुट- मनीष मिस्त्री)