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पत्नी के प्रेमी को रास्ते से हटाने के लिए ही 'रेडियो' की शक्ल में रिक्शावाले के हाथ भेजा था बम... ब्लास्ट में 2 मौतों के बाद बड़ा खुलासा

Sabarkantha Blast Case: जयंतीभाई की पत्नी और जीतूभाई (मृतक) एक ही गांव के थे और एक-दूसरे को लंबे समय से जानते थे. इसलिए जिलेटिन स्टिक का उपयोग करके एक रेडियो जैसा उपकरण बनाया गया, जिसका उपयोग आमतौर पर विस्फोट के लिए किया जाता है.

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साबरकांठा ब्लास्ट केस का खुलासा हुआ.
साबरकांठा ब्लास्ट केस का खुलासा हुआ.

Gujarat News: साबरकांठा जिले के वडाली में पार्सल ब्लास्ट मामले का पर्दाफाश हो गया है. 2 लोगों की मौत के बाद पुलिस और एनएसजी की टीम भी मौके पर पहुंची थी. यह बात सामने आई कि पति जयंतीभाई ने अपनी पत्नी के प्रेमी जीतूभाई वंजारा को मारने के लिए टेप रेकॉर्डर जैसी डिवाइस बनाई थी. बम उस वक्त फट गया जब जीतूभाई वंजारा अपने घर पर पार्सल खोलने जा रहे थे. ब्लास्ट में जीतूभाई और उनकी 12 साल की बेटी की मौत हो गई. जबकि दो अन्य लोग घायल हैं.

इस मामले में राज्य के गृह विभाग ने तुरंत पूरे मामले की जांच गुजरात एटीएस, अहमदाबाद क्राइम ब्रांच और गांधीनगर फॉरेंसिक लेबोरेटरी की टीम को सौंपी थी. गुरुवार को एनएसजी समेत अन्य एजेंसियों के अधिकारी भी साबरकांठा घटना स्थल पर पहुंचे और जांच शुरू की.

इसके अलावा, अहमदाबाद क्राइम ब्रांच द्वारा रिक्शा चालक और पार्सल पहुंचाने वाले स्कूटर चालक को पकड़ने के लिए सीसीटीवी निगरानी और तकनीकी जांच के लिए लगभग 10 पुलिस टीमों को सक्रिय किया गया था. इस घटना में आरोपी पति जयंतीभाई वंजारा (31 वर्ष) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

यह भी पढ़ें: रिक्शा चालक ने दिया पार्सल, खोलते ही हो गया जोरदार धमाका… पिता-पुत्री की मौके पर मौत 

पूरे मामले पर जिला पुलिस अधीक्षक विजय पटेल ने कहा कि प्राइमरी एफएसएल रिपोर्ट में सामने आया कि धमाके में अमोनियम नाइट्रेट था. इसके साथ ही जिलेटिन स्टिक का इस्तेमाल किया गया था. गुरुवार को ही चार टीमें गठित कर सीसीटीवी फुटेज में रिक्शा चालकों की जांच की गई. जिसमें एक एक्टिवा चालक व्यक्ति रिक्शा चालक को पार्सल देता नजर आ रहा है. जिसके बाद पता चला कि एक्टिवा का मालिक जयंतीभाई वंजारा था. 

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पुलिस पूछताछ में पता चला कि एक्टिवा मालिक जयंतीभाई की पत्नी और जीतूभाई (मृतक) एक ही गांव के थे और एक-दूसरे को लंबे समय से जानते थे. इसलिए जिलेटिन स्टिक का उपयोग करके एक रेडियो जैसा उपकरण बनाया गया, जिसका उपयोग आमतौर पर विस्फोट के लिए किया जाता है और जीतूभाई को मारने के लिए डेटोनेटर का उपयोग किया.

यह उपकरण बाहर से रेडियो जैसा दिखता है और इसमें आरोपी ने एक जिलेटिन स्टिक रखी, उस पर डेटोनेटर लगाया और उसके तार खोल दिए. यह उपकरण बाहर से देखने पर टेप रेकॉर्डर जैसा लगता था, इसलिए जैसे ही इसे ऑन करने के लिए प्लग सॉकेट में डाला गया तो यह फट गया और दो लोगों ने जान गंवा दी. 

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