scorecardresearch
 

गुजरात: आधार कार्ड में जिंदा लोगों को मृत बताया, इस गांव के लोगों पर भारी पड़ रही सिस्टम की गलती

पाटन, गुजरात में सरकारी पोर्टल की तकनीकी खामी से चार बुज़ुर्गों को आधार रिकॉर्ड में मृत दर्ज कर दिया गया, जिससे उनकी पेंशन, विधवा सहायता और राशन जैसी सुविधाएं तीन महीनों से बंद हैं. बायोमेट्रिक सत्यापन अमान्य होने पर मामला सामने आया. पीड़ित दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं. पंचायत चेयरमैन ने UID अधिकारियों को पत्र लिखा है. अपर कलेक्टर ने त्रुटि स्वीकार करते हुए 7 दिन में समाधान का भरोसा दिया है.

Advertisement
X
(Photo: Representational)
(Photo: Representational)

सरकारी पोर्टल की तकनीकी खामी इंसानी संवेदनाओं पर कैसे भारी पड़ सकती है, इसका जीता-जागता उदाहरण पाटन में सामने आया है. पाटन के चार बुज़ुर्गों को आधार कार्ड में ‘मृत’ घोषित कर दिए जाने के कारण वे पिछले तीन महीनों से सरकारी सहायता और राशन के लिए भटक रहे हैं. सिस्टम की एक गलती ने ज़िंदा लोगों को कागज़ों पर मृत कर दिया है और अब ये बुज़ुर्ग अपनी ही ‘हयाती’ साबित करने के लिए सरकारी दफ़्तरों के चक्कर काट रहे हैं.

पाटन में रहने वाले रीटाबेन दवे, हीराबेन भाटिया, हंसाबेन सोलंकी और कांतिभाई साधु के लिए आधार कार्ड आशीर्वाद के बजाय अभिशाप बन गया है. डेटा अपलोडिंग में हुई खामी के कारण आधार कार्ड के डेटाबेस में इन्हें मृत दिखा दिया गया. इस पूरे मामले में पाटन तालुका पंचायत के चेरमेन नरेशभाई परमारने गांधीनगर स्थित युआईडी अधिकारी को पत्र लिखकर इन चारों के आधार कार्ड एक्टीव करने को कहा, क्योंकि आधार कार्ड बंद होने की स्थिति में उन्हें किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल रहा. 

अंगूठा हो गया अमान्य
इस गलती का पता तब चला जब विधवा सहायता, वृद्ध पेंशन और राशन अचानक बंद हो गए. राशन दुकान पर अंगूठा लगाने पर मशीन द्वारा “अमान्य” दिखाया गया, जांच करने पर सामने आया कि सरकारी रिकॉर्ड में इन्हें मृत दर्ज होने के कारण उनका अंगूठा अमान्य हो गया. हीराबेन भाटिया ने कहा, “मेरे आगे-पीछे कोई नहीं है. अकेली ज़िंदगी है. आधार कार्ड बंद होते ही पेंशन भी बंद हो गई. पड़ोसियों के सहारे कितने दिन जी पाऊंगी? मैं अपनी हयाती साबित करने के लिए धक्के खा रही हूं.”

Advertisement

क्या बोले कलेक्टर हीरेन चौहाण?
इस मामले पर अपर निवास कलेक्टर हीरेन चौहाण ने कहा, “हमें इन मामलों की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है. आधार में तकनीकी खामी के कारण इन्हें इस तरह मृत दर्शाया गया है. सरकार की सभी योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन हो रहा है. इन मामलों में हमने गांधीनगर में UID अधिकारियों से बात की है और जल्द से जल्द समाधान के लिए तंत्र 100 प्रतिशत प्रयास कर रहा है ताकि संबंधित व्यक्तियों को लाभ मिल सके. 

उन्होंने कहा, सरकारी सहायता से जुड़ी जानकारी हमें हाल ही में मिली है. हम तुरंत संबंधित लोगों से संपर्क करेंगे. आप सभी जानते हैं कि आधार सॉफ्टवेयर UID, दिल्ली से संचालित होता है, इसलिए तकनीकी समस्या की जानकारी लेकर तत्काल इनपुट देंगे और समाधान करेंगे. हमारी कोशिश रहेगी कि 7 दिनों के भीतर काम पूरा हो जाए. यदि किसी कारण से देरी होती है तो आवेदकों को सूचित किया जाएगा. सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हें सुनिश्चित कराने के लिए हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. मैन्युअल व्यवस्था संभव नहीं है क्योंकि भुगतान DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से होता है. हालांकि, राशन कार्ड और राशन के मामले में सभी पात्र लाभार्थियों को व्यवस्था के तहत पूरा लाभ उपलब्ध कराया जाएगा.”

Advertisement

आवेदकों ने आधार कार्ड में इस तकनीकी त्रुटि को ठीक करने के लिए पाटन कलेक्ट्रेट से संपर्क किया था. कलेक्ट्रेट ने इस मामले की जानकारी अहमदाबाद स्थित आरओ कार्यालय को ईमेल के माध्यम से दी थी. हालांकि, इन आधार कार्डों को अभी तक सक्रिय नहीं किया गया है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement