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पहले कोरोना और अब चीन के साथ तनाव के कारण सूरत का डायमंड उद्योग प्रभावित

कोरोना के कहर से सूरत का डायमंड उद्योग भी अछूता नहीं रहा है. नतीजतन यहां के डायमंड उद्योग की चमक भी कोरोना के चलते फीकी पड़ गई है.

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सांकेतिक तस्वीर (पीटीआई)
सांकेतिक तस्वीर (पीटीआई)

  • देश में बढ़ रहा कोरोना वायरस का कहर
  • भारत और चीन के बीच तनाव जारी

देश में कोरोना वायरस का कहर बढ़ता ही जा रहा है. कोरोना वायरस के कारण कई कारोबार चौपट हो गए हैं. कोरोना वायरस के कारण गुजरात के सूरत में डायमंड उद्योग पर भी काफी असर पड़ा है. वहीं अब चीन के साथ जारी तनाव के कारण भी डायमंड कारोबार प्रभावित हो रहा है.

कोरोना के कहर से सूरत का डायमंड उद्योग भी अछूता नहीं रहा है. नतीजतन यहां के डायमंड उद्योग की चमक भी कोरोना के चलते फीकी पड़ गई है. देश और दुनिया में डायमंड का कारोबार करने वाले सूरत के डायमंड कारोबारियों को कोरोना की चिंता पहले से ही सता रही थी कि अब भारत और चीन के साथ बिगड़ते रिश्तों की नई चिंता भी सताने लगी है.

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कोरोना वायरस के चलते हुए लॉकडाउन की वजह से सूरत का डायमंड कारोबार ठप हो गया था. हालांकि जब सरकार ने अनलॉक-1 की शुरुआत में उद्योग शुरू करने की इजाजत दी तो सूरत का डायमंड कारोबार भी 50 फीसदी वर्कर्स के साथ कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए शुरू हुआ.

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हालांकि डायमंड फैक्ट्री शुरू होते ही यहां काम करने वाले वर्कर्स में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैला तो शहर की कई डायमंड फैक्ट्री फिर से बंद कर दी गई. जिन-जिन इलाकों में कोरोना के केस सामने आए है, उन इलाकों में पुलिस फैक्ट्री बंद रखने की अपील करती नजर आ रही है.

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सूरत में डायमंड का कारोबार करने वाले डायमंड कारोबारी दिनेश भाई नावडिया का कहना है कि ऐसे हालात कभी नहीं थे, जो अब हो गए हैं. दिनेश भाई नावडिया सूरत डायमंड एसोसिएशन के प्रेसिडेंट रह चुके है और जेम्स एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) के रिजनल चेयरमैन के पद पर कार्यरत है. दिनेश भाई 1994 से सूरत में बैठकर देश और दुनिया के अलग-अलग देशों में डायमंड का कारोबार करते हैं.

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कई देशों में होता है एक्सपोर्ट

दुनिया में तराशे जाने वाले 15 डायमंड में से 14 डायमंड सूरत में तराशे जाते है. सूरत में तैयार होने वाले डायमंड दुनिया के कई देशों में एक्सपोर्ट किए जाते है. लेकिन अब जिस तरह से चीन और भारत के बीच सरहद पर तनाव बढ़ रहा है, उसका असर सूरत के डायमंड उद्योग पर पड़ेगा, इसकी पूरी आशंका दिनेश भाई नावडिया जता रहे है.

दिनेश भाई की मानें तो जो पॉलिस डायमंड इंपोर्ट करके बनाते है, उसमें 40% अमेरिका, 38% हॉन्गकॉन्ग, 4% चीन , 18% यूरोपियन देशो का कंजप्शन है. बाकि सब देशों में थोड़ा बहुत डायमंड एक्सपोर्ट किया जाता है. लॉकडाउन के बाद सबसे पहले हॉन्गकॉन्ग के साथ डायमंड का कारोबार शुरू हुआ था.

तनाव बढ़ने से नुकसान

दिनेश भाई का कहना है कि जिस तरह से चीन और भारत के बीच तनाव बढ़ा है उससे नुकसान होगा क्योंकि सालाना 6 बिलियन डॉलर का कारोबार होता है. लॉकडाउन के बाद सूरत के डायमंड उद्योग को एक हजार करोड़ का नुकसान हुआ है. दिनेश भाई का कहना है कि करीब 12 लाख परिवार डायमंड उद्योग से जुड़े हैं.

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उनका कहना है कि कोरोना की मार झेल रहे सूरत के डायमंड उद्योग की मुश्किलें चीन और भारत के बीच बिगड़ रहे रिश्तों की वजह से और बढ़ जाएगी. दरअसल, सूरत में तैयार होने वाला डायमंड बड़ी तादाद में हॉन्गकॉन्ग में एक्सपोर्ट किया जाता है, जहां चीन का दबदबा है.

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