scorecardresearch
 

प्रेम समस्या के समाधान का झांसा और उतरवा दिए युवती के कपड़े... अहमदाबाद में चौंकाने वाली ठगी

अहमदाबाद में इंस्टाग्राम पर ‘ज्योतिषी किन्नर मां’ नाम की फर्जी आईडी के जरिए साइबर ठगी का मामला सामने आया. जहां प्रेम समस्या के समाधान के बहाने युवती को नग्न वीडियो कॉल के लिए मजबूर कर ब्लैकमेल किया गया और 1.43 लाख रुपये वसूले गए. पुलिस ने बीकानेर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया, जबकि दो फरार हैं. गिरोह ने अब तक सैकड़ों लोगों से 40-42 लाख रुपये ठग चुका है.

Advertisement
X
अहमदाबाद में युवती से साइबर ठगी. (Photo: Representational )
अहमदाबाद में युवती से साइबर ठगी. (Photo: Representational )

अहमदाबाद से साइबर ठगी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रेम संबंधों की समस्या का समाधान ढूंढने गई एक युवती ठगों के जाल में फंस गई. जिसके बाद उसे मानसिक प्रताड़ना के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ा. ठगों ने पहले उसे मजबूर किया और नग्न वीडियो कॉल करवाया, फिर उसे ब्लैकमेल लाखों रुपये ठग लिए. आरोपी इसी तरह कई अन्य लोगों से भी अब तक 40 से 42 लाख रुपये की ठगी कर चुके हैं.

अनुष्ठान के नाम पर उतरा दिए लड़की पूरे कपड़े
जानकारी के मुताबिक पीड़िता ने इंस्टाग्राम पर ‘ज्योतिषी पूजा किन्नर मां’ नाम की एक आईडी से संपर्क किया था. इस आईडी पर दावा किया गया था कि यहां प्रेम, विवाह व निजी जीवन से जुड़ी समस्याओं का समाधान ज्योतिष और अनुष्ठानों के जरिए किया जाता है. युवती ने अपनी प्रेम समस्या का समाधान पाने के लिए आरोपी से बातचीत शुरू की. शुरुआत में आरोपी ने भरोसा जीतने के लिए सामान्य बातचीत की और फिर एक विशेष अनुष्ठान कराने का सुझाव दिया.

अनुष्ठान के नाम पर आरोपी ने पीड़िता से उसकी तस्वीरें मांगीं. इसके बाद तस्वीरों को एडिट कर आपत्तिजनक बनाने और सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी गई. धीरे-धीरे आरोपी ने दबाव बढ़ाया और युवती को वीडियो कॉल करने के लिए कहा. कॉल के दौरान उसे कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया गया. इस पूरी प्रक्रिया को आरोपियों ने स्क्रीन रिकॉर्ड कर लिया. बाद में इसी रिकॉर्डिंग के जरिए युवती को ब्लैकमेल किया गया और उससे पैसे की मांग की गई.

Advertisement

लोगों का ऐसे भरोसा जितते थे आरोपी
डर और बदनामी के चलते युवती ने आरोपियों को 1.43 लाख रुपये दे दिए. लेकिन जब पैसे की मांग लगातार बढ़ती गई, तब उसने हिम्मत जुटाकर साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के बाद पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच शुरू की. जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर बीकानेर से रजनीश भार्गव नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया गया.

फिलहाल उसके दो अन्य साथी विकास भार्गव और रवि भार्गव फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है. पुलिस का कहना है कि तीनों आरोपी एक संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे थे. प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम और फेसबुक पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को निशाना बनाते थे. वे खुद को ‘ज्योतिषी’, ‘किन्नर गुरु’ या ‘मां’ के रूप में प्रस्तुत करते थे ताकि लोग आसानी से उनके झांसे में आ जाएं.

आरोपी प्रेम, विवाह, करियर और पारिवारिक समस्याओं के समाधान का दावा करते थे. गिरोह का तरीका बेहद सुनियोजित था. पहले वे लोगों से संपर्क कर उनका विश्वास जीतते थे. इसके बाद छोटे-छोटे अनुष्ठानों के नाम पर 3 हजार से 15 हजार रुपये तक वसूलते थे. जब कोई व्यक्ति पूरी तरह उनके जाल में फंस जाता, तो उससे निजी तस्वीरें और वीडियो मांगकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर देते थे.

Advertisement

हर दिन 60 से 65 लोगों को कॉल करते थे आरोपी
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की उम्र 20 से 25 साल के बीच है और वे पिछले ढाई साल से इस तरह की गतिविधियों में शामिल थे. वे रोजाना करीब 300 लोगों को कॉल करते थे, जिनमें से 60 से 65 लोग उनके जाल में फंस जाते थे. इस तरह उन्होंने सैकड़ों लोगों को शिकार बनाकर करीब 40 से 42 लाख रुपये की ठगी की.

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग मोबाइल नंबरों और फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट का इस्तेमाल करते थे. वे कभी भी आमने-सामने नहीं आते थे, जिससे उनकी असली पहचान छिपी रहती थी. ‘किन्नर मां’ के नाम का इस्तेमाल इसलिए किया जाता था ताकि लोग उनके लिंग या पहचान पर शक न करें.

साइबर क्राइम डीसीपी ने क्या कहा?
साइबर क्राइम की डीसीपी लवीना सिन्हा ने बताया कि इस तरह के मामलों में कई पीड़ित सामाजिक बदनामी के डर से शिकायत दर्ज नहीं कराते, जिससे अपराधियों के हौसले बढ़ते हैं. उन्होंने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति से सतर्क रहें और अपनी निजी जानकारी या तस्वीरें साझा न करें.

पुलिस ने यह भी कहा है कि अगर किसी के साथ इस तरह की घटना होती है, तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करानी चाहिए. समय रहते शिकायत करने से न सिर्फ अपराधियों को पकड़ा जा सकता है, बल्कि अन्य लोगों को भी इस तरह के जाल में फंसने से बचाया जा सकता है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement