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'माफ कर दो मां, अच्छी बेटी नहीं बन पाई', MBBS की छात्रा ने जन्मदिन पर होस्टल में किया सुसाइड

अहमदाबाद के बीजे मेडिकल कॉलेज में 19 वर्षीय एमबीबीएस छात्रा ने हॉस्टल के कमरे में आत्महत्या कर ली. पुलिस को तीन पन्नों का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने खुद को असफल और अकेला बताया है. घटना के दिन उसका जन्मदिन था. पुलिस और एफएसएल टीम मामले की जांच कर रही है.

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झूठ बोलकर युवती से की शादी. (Photo: Representational)
झूठ बोलकर युवती से की शादी. (Photo: Representational)

अहमदाबाद स्थित बीजे मेडिकल कॉलेज से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 19 वर्षीय एमबीबीएस छात्रा ने अपने हॉस्टल के कमरे में आत्महत्या कर ली. यह घटना सोमवार दोपहर की बताई जा रही है, जिसने पूरे मेडिकल कॉलेज परिसर को स्तब्ध कर दिया है. पुलिस को छात्रा के कमरे से तीन पन्नों का एक सुसाइड नोट मिला है, जो उसने अपनी मां के नाम लिखा था. शुरुआती जांच के अनुसार, लड़की ने अपने नोट में खुद को असफल बताया और जीवन को लेकर निराशा व्यक्त की है. पुलिस का कहना है कि वह अकेलापन महसूस करती थी और इसी कारण उसने यह कदम उठाया.

मृतका गुजरात के जूनागढ़ जिले के केशोद की रहने वाली थी. वह पिछले वर्ष नीट परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के बाद बीजे मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में दाखिल हुई थी. परिवार के लिए यह गर्व का क्षण था, लेकिन मेडिकल की पढ़ाई का यह सफर उसके लिए कठिन साबित हुआ. वह अभी दूसरे सेमेस्टर में थी और हाल ही में पढ़ाई की शुरुआत हुई थी.

जानकारी के अनुसार, मृतका अहमदाबाद के गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी. वह अपने कमरे में अकेली थी जब उसने यह कदम उठाया. घटना के समय उसकी रूममेट ने उसे कॉलेज चलने के लिए कहा था, लेकिन उसने कहा कि वह बाद में आएगी. इसके कुछ ही समय बाद उसने अपने कमरे में पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली. पुलिस अधिकारी इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंधव के अनुसार, घटना की सूचना दोपहर के समय मिली थी. जब पुलिस मौके पर पहुंची तो कमरे की जांच के दौरान तीन पन्नों का सुसाइड नोट मिला. नोट में लड़की ने अपनी मां से माफी मांगी है और लिखा है कि वह अच्छी बेटी नहीं बन सकी, जिसका उसे अफसोस है.

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कॉलेज में 19 वर्षीय छात्रा ने हॉस्टल में की खुदकुशी

सुसाइड नोट में यह भी लिखा गया है कि वह अपने स्वभाव के कारण लोगों से दोस्ती नहीं कर पाई. उसके साथ पढ़ने वाले छात्र उससे दोस्ती करना चाहते थे, लेकिन वह सामाजिक रूप से जुड़ नहीं सकी और खुद को अकेला महसूस करती रही. पुलिस के अनुसार, अब तक की जांच में सुसाइड नोट के अलावा किसी बाहरी कारण या विवाद की पुष्टि नहीं हुई है. हालांकि, पुलिस ने सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच जारी रखी है और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है.

घटना के दिन जिया का जन्मदिन भी था, जिससे यह मामला और भी भावनात्मक रूप से दर्दनाक बन गया है. कॉलेज प्रशासन और हॉस्टल में रहने वाले अन्य छात्रों में इस घटना के बाद शोक का माहौल है. बीजे मेडिकल कॉलेज की डीन मीनाक्षी पारिख ने बताया कि जिया का एडमिशन पिछले साल हुआ था और शैक्षणिक सत्र अक्टूबर से शुरू हुआ था. उन्होंने कहा कि वह एक होशियार छात्रा थी, क्योंकि बीजे मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाना अत्यंत प्रतिस्पर्धी होता है.

पुलिस और एफएसएल टीम जांच में जुटी


डीन के अनुसार, जिया अभी दूसरे सेमेस्टर में थी और उस पर किसी परीक्षा का दबाव नहीं था. किसी छात्र या छात्रा के साथ उसके विवाद की भी कोई जानकारी सामने नहीं आई है. उन्होंने कहा कि आत्महत्या के कारणों पर स्पष्ट रूप से कुछ कहना अभी संभव नहीं है, और पुलिस तथा एफएसएल टीम जांच कर रही है. पुलिस ने भी कहा है कि शुरुआती जांच में किसी बाहरी दबाव या विवाद के संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है. यह घटना एक बार फिर छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और अकेलेपन के मुद्दे को सामने लाती है, खासकर उन छात्रों के लिए जो घर से दूर रहकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं.

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नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

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