जयपुर में लंबित एक चुनाव याचिका को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की. मामले की सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने कहा कि हर दिन इलाहाबाद हाईकोर्ट, पटना हाईकोर्ट और अब राजस्थान हाईकोर्ट से भी इसी तरह की याचिकाएं आ रही हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ये हाईकोर्ट के कामकाज में दखल नहीं माना जाएगा?
याचिकाकर्ता ने क्या कहा?
याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि यह याचिका बार-बार हो रही स्थगन (adjournment) के खिलाफ है. ये मामला बेहद जरूरी सुनवाई वाला है.
याचिकाकर्ता ने कहा कि उन्होंने नामित (डिजिग्नेटेड) जज के सामने आवेदन दिया था, लेकिन वो लंबित पड़ा हुआ है. साथ ही ये भी बताया गया कि जो जज इन मामलों की सुनवाई के लिए नामित हैं, वो जयपुर में बैठने के बजाय जोधपुर में बैठ रहे हैं जिससे मामले की सुनवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है.
CJI की टिप्पणी
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इस याचिका में मुद्दा ये है कि चुनाव याचिका की सुनवाई बार-बार टल रही है. अगर समय पर सुनवाई नहीं हुई तो याचिका निरर्थक हो सकती है. उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि सामान्य तौर पर सुप्रीम कोर्ट ऐसे मामलों में हस्तक्षेप नहीं करता.
हालांकि, उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता हाईकोर्ट की उस बेंच के सामने आवेदन दे सकता है, जिसे चुनाव याचिका की सुनवाई सौंपी गई है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने अनुरोध किया कि माननीय हाईकोर्ट न्यायाधीश इस चुनाव याचिका पर शीघ्र सुनवाई करें. इस तरह सुप्रीम कोर्ट ने सीधे दखल देने से परहेज करते हुए हाईकोर्ट से ही मामले को जल्द निपटाने का आग्रह किया.