scorecardresearch
 

'मायके का मकान बेच, 10-20 लाख तो ला...',मारपीट कर कहता था आकृति का पति

पोस्टमार्टम के बाद दिल्ली की आकृति का अंतिम संस्कार कर दिया गया. परिवार का कहना है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है. उनका दावा है कि घटना वाले दिन आकृति खुश थी और ऑफिस में शादी की पार्टी भी दी थी. परिजनों ने पति पर मारपीट, दहेज मांगने और नौकरी छोड़ने का दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं.

Advertisement
X
मारपीट करता था आकृति का पति (Photo: itg)
मारपीट करता था आकृति का पति (Photo: itg)

दिल्ली के संगम विहार की रहने वाली आकृति का अंतिम संस्कार पोस्टमार्टम के बाद कर दिया गया. पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया था. आकृति का शव कुछ दिन पहले लोधी कॉलोनी इलाके में संदिग्ध हालत में मिला था. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. वहीं परिवार लगातार इसे हत्या बता रहा है और न्याय की मांग कर रहा है.

आकृति के चाचा मनंजय सुतार का कहना है कि उनकी भतीजी आत्महत्या नहीं कर सकती. उनके मुताबिक, घटना वाले दिन शाम करीब 6 बजे आकृति ने अपनी मां को फोन किया था. उस समय वह काफी खुश थी क्योंकि उसने अपने ऑफिस में शादी की पार्टी दी थी. करीब 6:15 बजे उसकी मां से आखिरी बार बात हुई. इसके बाद उसका फोन बंद हो गया.

घर से करीब 20 किमी दूर आत्महत्या क्यों करती?

परिवार का कहना है कि करीब दो घंटे बाद आकृति के पति अरस्तु सिक्का का फोन आया. उसने पूछा कि क्या आकृति घर पहुंची है. परिवार ने बताया कि वह उनके पास नहीं आई है. इसके बाद रात करीब 9 बजे लोधी कॉलोनी थाने से पुलिस का फोन आया और बताया गया कि आकृति का शव मिला है.

चाचा का कहना है कि आकृति छतरपुर से घर लौट रही थी. उसे साकेत आना था, ऐसे में वह लोधी कॉलोनी कैसे पहुंची, यह बड़ा सवाल है. परिवार का कहना है कि लोधी कॉलोनी से उसका कोई संबंध नहीं था. अगर उसे आत्महत्या करनी होती तो वह घर से करीब 20 किलोमीटर दूर क्यों जाती. परिवार का यह भी कहना है कि जिस जगह से गिरने की बात कही जा रही है, वहां खून के निशान नहीं मिले. इसी वजह से उन्हें शक है कि यह हत्या का मामला है.

Advertisement

नौकरी भी नहीं करता था अरस्तू

परिजनों का आरोप है कि शादी के करीब एक महीने बाद से ही आकृति को उसके पति की तरफ से मारपीट, गाली-गलौज और धमकियां दी जाने लगी थीं. उनका कहना है कि पति उसे नौकरी करने से मना करता था और कहता था कि अगर वह ऑफिस गई तो उसे जान से मार देगा. परिवार के मुताबिक, आकृति और अरस्तु की शादी 24 अप्रैल को हुई थी. दोनों पहले से एक-दूसरे को जानते थे. आकृति की पहचान अरस्तु से उसकी बहन के जरिए हुई थी, जो उसकी क्लासमेट थी. बाद में दोनों की शादी परिवार की मौजूदगी में हौज खास के जगन्नाथ मंदिर में हुई.

 'मायके का घर बिकवा दे, पैसे ला'

चाचा ने बताया कि परिवार को पहले से चिंता थी क्योंकि लड़का कोई काम नहीं करता था. हालांकि बाद में परिवार ने आकृति की खुशी के लिए शादी कर दी. उनका आरोप है कि शादी के बाद दहेज की मांग शुरू हो गई. पति कथित तौर पर आकृति से कहता था कि अपने घर वालों से 10 से 20 लाख रुपये लेकर आए और जरूरत पड़े तो घर भी बिकवा दे. परिवार का कहना है कि शादी में उन्होंने करीब 5 से 6 लाख रुपये खर्च किए थे और लड़के वालों का पूरा सम्मान किया था. परिवार अब पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग कर रहा है.

 

Advertisement


 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement