दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार में अब स्मोकिंग करने और तंबाकू से जुड़े दूसरे प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने वाले अधिकारियों को नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है. सरकार के इस फरमान का पहला निशाना दिल्ली डायलॉग कमीशन (DDC) के पूर्व सदस्य सचिव आशीष जोशी बने हैं. जोशी पर ऑफिस में स्मोकिंग का आरोप लगने पर उनकी अगली पोस्टिंग अधर में लटक गई है.
इंडियन पोस्ट टेलीकॉम अकाउंट्स एंड फाइनेंस सर्विस में वापस तैनाती के लिए भेजे गए गए नोट के जवाब में डीडीसी के वाइस चेयरमैन आशीष खेतान ने सीएम केजरीवाल को लिखे पत्र में कहा, 'कई मौकों पर वह (जोशी) ऑफिस के अंदर सिगार पीते हुए और तंबाकू खाते हुए देखे गए हैं.'
केजरीवाल डीडीसी के चेयरमैन भी हैं. खेतान ने यह पत्र उनके पास अप्रैल के आखिरी सप्ताह में भेजा था. पत्र में यह भी कहा गया कि लगातार मना करने के बावजूद जोशी ने ऑफिस में तंबाकू का सेवन बंद नहीं किया. यह स्थिति तब शर्मसार कर देने वाली होती थी जब स्टेकहोल्डर्स के साथ जरूरी मीटिंग में भी जोशी ने सबके सामने गुटखा खाना शुरू कर दिया.
'खाता हूं गुटखा, पीता हूं सिगार लेकिन ऑफिस में नहीं'
एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक, इस मामले में अपना पक्ष रखते हुए जोशी ने कहा कि वह जर्दा के साथ गुटखा खाते हैं और बियर के साथ कभी-कभी सस्ते सिगार भी पी लेते हैं, लेकिन उन्होंने ऑफिस के अंदर ऐसा कभी नहीं किया. उन्होंने कहा, 'यह बेहद आश्चर्यजनक है कि एक महीने की पड़ताल के बाद उन्हें यह पता चला कि मैं ऑफिस में गुटखा खाता हूं.'
वहीं जोशी को हटाने के पीछे पत्र में खेतान ने दूसरा कारण बताया कि कई बार कहने के बावजूद जोशी ने बिना पूछे मीडिया के सामने अहम जानकारियां लीक की हैं और मीडिया में अपने दोस्तों को बिना परमिशन के ऑफिस में बुलाया. जोशी पर यह भी आरोप लगा है लगा है कि वह अपनी मर्जी से विभाग में भर्तियां कर रहे थे.
इसके अलावा खेतान ने जोशी पर आरोप लगाया कि उन्होंने बेघर लोगों को लेकर भी खराब रवैया अपनाया और जवाब में कहा कि ऐसे लोग ड्रग के आदी होते हैं और उन्हें डंडे के बल पर ठीक किया जाना चाहिए. साथ ही जोशी ने डीडीसी में आने वाले मेहमानों के साथ भी बुरा बर्ताव किया है.