आम आदमी पार्टी ने आबकारी मामले में ईडी की जांच को झूठ का पुलिंदा बताया है. राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि ईडी ने कोर्ट में बताया है कि मनीष सिसोदिया ने 14 मोबाइल तोड़ दिए, जबकि इनमें से 5 मोबाइल खुद ईडी के पास ही है. ईडी की जांच को मजाक बना दिया गया है.
संजय सिंह ने ईडी पर आरोप लगाया कि जिन मोबाइल फोन का IMEI नंबर कोर्ट में दिया है वह उनके घरों में काम करने वाले लोगों का है. सभी नंबर इस्तेमाल किए जा रहे हैं. अगर ये लोग हमें जिंदा नहीं देखना चाहते हैं तो अरविंद केजरीवाल, सत्येंद्र जैन, संजय सिंह को जहर की पुड़िया देकर बोलें कि सब खत्म कर दो. इतनी ही नफ़रत है तो चौराहे पर गोली मार दो हमको क्यों ये ड्रामे कर रहे हैं.
जो Phone ED ने Sieze कर रखा है, उसी Phone के बारे में न्यायालय में कहते हैं कि वो ने Destroy कर दिया?
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi)
क्यों ये ED की जांच के नाम पर ड्रामे?
इतनी ही नफ़रत है तो चौराहे पर गोली मार दो हमको। जहर की पुड़िया दे दो।
—AAP MP
ED अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए: संजय
AAP सांसद ने कहा कि ईडी के पास सीजर रिपोर्ट में जो IMEI Number पड़ा हुआ है. वही फोन, वहीं IMEI Number को ED बता रहा है कि मनीष सिसोदिया ने तोड़ दिया. ईडी-बीजेपी ने चिल्ला-चिल्लाकर कहा कि सिसोदिया ने 14 फोन तोड़ दिए. ये 14 फोन मनीष के परिवार और नौकर के थे जिसमें से 5 ED के पास हैं. कोर्ट के सामने ED के अधिकारियों द्वारा ग़लत तथ्य रखने पर कार्रवाई होनी चाहिए.
ईडी ने कोर्ट में क्या कहा था?
बता दें कि ईडी ने राउज एवेन्यू कोर्ट को बताया कि आबकारी नीति में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है. अधिकांश संदिग्ध, शराब कारोबारी, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, दिल्ली के आबकारी मंत्री (मनीष सिसोदिया) और अन्य संदिग्धों ने कई बार अपने फोन बदले हैं. आरोपियों ने जिन फोन-उपकरणों का उपयोग किया और नष्ट किया गया है, उनकी अनुमानित कीमत करीब 1.38 करोड़ रुपए है.