तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मंगलवार को कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी से मुलाकात कर उन्हें विपक्षी एकजुटता सुनिश्चित करने के लिए बधाई दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रियंका गांधी के मार्गदर्शन ने उस अलोकतांत्रिक संवैधानिक संशोधन को हराने में मदद की है, जिसका मकसद दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और छोटे राज्यों को शक्तिहीन करना था.
रेवंत रेड्डी ने प्रियंका गांधी की इस बात के लिए तारीफ की है कि उन्होंने विशेष सत्र के पीछे की सच्चाई को उजागर किया. कि यह सत्र महिला सशक्तिकरण के लिए नहीं, बल्कि महिला बिल की आड़ में अस्वीकार्य परिसीमन एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए था.
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने तेलंगाना की जनता की तरफ से राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की कोशिशों को समर्थन देने के लिए प्रियंका गांधी का आभार व्यक्त जताया.
प्रियंका गांधी ने उजागर किया 'परिसीमन का सच'
रेवंत रेड्डी के मुताबिक, प्रियंका गांधी ने इस बात को सही तरह से समझाया कि कैसे स्पेशल सेशन का उपयोग परिसीमन एजेंडे को छिपाने के लिए एक मुखौटे के रूप में किया जा रहा था. उन्होंने बताया कि महिला बिल पहले ही सर्वसम्मति से पारित हो चुका था, फिर भी इसे एक ढाल की तरह इस्तेमाल किया गया.
इस मुलाकात के दौरान दक्षिण भारतीय राज्यों की एकता और बीजेपी द्वारा प्रस्तावित परिसीमन मॉडल की खामियों पर भी विस्तृत चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने देश के भविष्य को बचाने के लिए विपक्ष को एक मंच पर लाने के प्रयासों को ऐतिहासिक बताया.
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मुख्यमंत्री रेड्डी ने कहा कि प्रियंका गांधी के उत्साहजनक शब्दों से उन्हें काफी प्रेरणा मिली है. प्रियंका गांधी ने दक्षिण भारतीय एकता को बढ़ावा देने और बीजेपी के परिसीमन मॉडल के खिलाफ सकारात्मक विकल्प प्रदान करने के लिए रेवंत रेड्डी के प्रयासों की सराहना की. मुख्यमंत्री ने इसे संवैधानिक मूल्यों की रक्षा की लड़ाई बताया.
देश के भविष्य को बचाने का संकल्प
मुलाकात के बाद रेवंत रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना के लोग देश के लोकतांत्रिक ढांचे को बचाने के लिए कांग्रेस नेतृत्व के साथ खड़े हैं. उन्होंने विपक्ष को एकजुट रखने की कोशिशों के लिए शीर्ष नेतृत्व का धन्यवाद किया और दोहराया कि छोटे राज्यों के अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.