दिल्ली नगर निगम (MCD) की सामान्य सभा की बैठक में शुक्रवार को कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. बैठक के दौरान दो श्मशान घाटों पर गोबर के उपलों (काउ डंग केक) से अंतिम संस्कार करने के पायलट प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई. वहीं 105 सफाई कर्मचारियों की सेवाओं को भी नियमित कर दिया गया.
दिल्ली के मेयर राजा इकबाल सिंह ने बताया कि निगम पात्र सफाई कर्मचारियों को नियमित करने की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाएगा, ताकि उन्हें स्थायी नौकरी के सभी लाभ मिल सकें.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक बैठक में पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए गोबर के उपलों से अंतिम संस्कार की पहल को मंजूरी दी गई. यह पायलट प्रोजेक्ट दक्षिणी जोन के ग्रीन पार्क श्मशान घाट और नजफगढ़ जोन के द्वारका सेक्टर-24 श्मशान घाट में शुरू किया जाएगा. इसका उद्देश्य पारंपरिक लकड़ी के उपयोग को कम करना और अधिक पर्यावरण अनुकूल अंतिम संस्कार पद्धति को बढ़ावा देना है. इसके लिए निगम ने दो गैर-सरकारी संगठनों (NGO) की सिफारिश की है.
इसके अलावा बैठक में शहर के कई इलाकों में पार्कों की हरियाली बनाए रखने के लिए ट्रीटेड वेस्ट वाटर के उपयोग की योजना को भी मंजूरी दी गई. इसके तहत सुंदर नगरी, शास्त्री पार्क, आईपी एक्सटेंशन, लक्ष्मी नगर और आसपास के क्षेत्रों के नगर निगम पार्कों में उपचारित अपशिष्ट जल का इस्तेमाल किया जाएगा. इसके लिए मौजूदा पंप हाउस को पुनर्गठित कर स्लज ड्रेन से पानी की आपूर्ति की जाएगी.
निगम ने श्मशान घाटों और कब्रिस्तानों के रखरखाव के लिए सामुदायिक संगठनों को भी शामिल करने का निर्णय लिया है. इसके तहत 24 गैर-सरकारी संगठन, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और स्वयं सहायता समूहों को इन सुविधाओं को अपनाने, विकसित करने और उनके रखरखाव की जिम्मेदारी दी जाएगी.
हालांकि बैठक के दौरान राजनीतिक विवाद भी देखने को मिला. मेयर राजा इकबाल सिंह ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (AAP) के कुछ पार्षदों ने सदन की कार्यवाही में व्यवधान डालने की कोशिश की. इसके बावजूद महत्वपूर्ण नागरिक मुद्दों पर चर्चा जारी रही.
वहीं आप के पार्षद और विपक्ष के नेता अंकुश नारंग ने आरोप लगाया कि वार्ड 140 की पार्षद ज्योति गौतम पर कथित हमले के मुद्दे पर चर्चा की मांग उठने के बावजूद मेयर ने जल्दबाजी में एजेंडा पास कर बैठक स्थगित कर दी.
आप सांसद संजय सिंह ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण करने के दौरान बीजेपी विधायक उमंग बजाज से जुड़े लोगों ने ज्योति गौतम के साथ बदसलूकी की और उनके साथ मौजूद कार्यकर्ता पर हमला किया. पार्टी ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.