केंद्रीय पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में एपस्टीन मुद्दा उठाने के लिए राहुल गांधी पर तीखा हमला किया है. बता दें कि उनका नाम US सेक्स अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़ी तथाकथित एपस्टीन फाइल्स में सामने आया था. मंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेता को बड़ा होने की ज़रूरत है.
इंडिया टुडे के साथ एक खास इंटरव्यू में, हरदीप सिंह ने कहा, "राहुल गांधी के आरोप के सिलसिले में मैंने खुद बताया था, जिसमें मेरा नाम लाखों डॉक्यूमेंट्स में से कुछ ईमेल में आया था, जो सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं. अगर राहुल गांधी ने नोट पढ़ा होता, तो वह संसद में खुद को बेवकूफ नहीं बनाते."
पुरी ने कहा, “तो, यह एपस्टीन के बारे में नहीं है. यह कहानी मैच्योरिटी की कमी और इस बात के बारे में है कि विपक्ष के नेता बड़े नहीं हुए हैं, जो इशारों से पॉलिटिक्स करने में यकीन रखते हैं और ‘थूककर उड़ जाओ’ वाला तरीका अपनाते हैं." पुरी ने आगे कहा कि सिविल सर्विसेज़ में अच्छा काम न करने वाले अधिकारियों के लिए वॉलंटरी रिटायरमेंट का प्रोविज़न है.
'आपको रिसर्च करनी चाहिए...'
राहुल गांधी के तरीके को 'इशारों से पॉलिटिक्स' करार देते हुए, हरदीप पुरी ने उन पर आरोप लगाने और फिर ज़रूरी बहस से बचने का आरोप लगाया. पुरी ने कहा, “अगर आप कोई मुद्दा उठाना चाहते हैं, तो आपको रिसर्च करनी चाहिए और दूसरे पक्ष को जवाब देने देना चाहिए. वह कुछ कहते हैं और फिर भाग जाते हैं.”
उन्होंने आगे कहा कि संसद जानकारी के साथ हिस्सा लेने का एक फोरम है, न कि इशारों में बात करने की जगह है.
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US के साथ ट्रेड डील की आलोचना करने पर राहुल गांधी की आलोचना करते हुए हरदीप पुरी ने कहा कि कांग्रेस नेता जलते हैं कि भारत अच्छा कर रहा है, क्योंकि उन्हें लोगों की उम्मीदों पर विश्वास नहीं है.
उन्होंने आगे कहा, “जैसा कि मेरे साथी और दोस्त किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री पर सरेंडर के आरोपों पर बताया कि ‘कोई मायका लाल अभी पैदा नहीं हुआ है’ जो नरेंद्र मोदी पर ऐसा आरोप लगा सके."