राजधानी-दिल्ली में जैसे-जैसे तापमान लगातार बढ़ रहा है, वैसे-वैसे बिजली की मांग (पावर डिमांड) भी तेजी से बढ़ती जा रही है. आलम यह है कि अप्रैल के अंतिम सप्ताह से ही भीषण गर्मी का असर साफ दिखाई देने लगा है. जिसके चलते एयर कंडीशनर, कूलर और पंखों का उपयोग काफी बढ़ गया है. इसका सीधा असर राजधानी की बिजली खपत पर पड़ा है.
बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के अनुसार इस साल दिल्ली में पावर डिमांड ने शुरुआती दौर में ही पिछले वर्षों के रिकॉर्ड के करीब पहुंचना शुरू कर दिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तापमान इसी तरह बढ़ता रहा, तो आने वाले दिनों में बिजली की मांग नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकती है.
पीक पावर डिमांड में लगातार हो रही है बढ़ोतरी
पीक डिमांड के बढ़ते ग्राफ के चलते हाल के दिनों में दिल्ली की पीक पावर डिमांड में लगातार इजाफा देखा गया है. पिछले साल जहां अधिकतम मांग करीब 7600 मेगावाट तक पहुंची थी. वहीं इस बार मई-जून में इसके 8000 मेगावाट के पार जाने की संभावना जताई जा रही है.
बीते रविवार की शाम 5:00 बजे तक बिजली डिमांड 6448 मेगावाट दर्ज की गई. भले ही यह डेटा शनिवार की तुलना में थोड़ा काम हो लेकिन संडे को डिमांड मामले में दिल्ली यूपी के बाद दूसरे नंबर पर आई. बिजली वितरण कंपनी के अनुसार जिस तरह से तापमान बढ़ रहा है उसे लग रहा है कि इस महीने डिमांड 7000 मेगावाट पहुंच सकती है.
400 से 500 मेगावाट बढ़ी डिमांड
बिजली सप्लाई करने वाली कंपनियों के अधिकारियों के मुताबिक पिछले साल 28 अप्रैल को दिल्ली में पावर डिमांड 6015 मेगावाट दर्ज की गई थी. जिसने रिकॉर्ड बनाया था. पर इस साल 25 अप्रैल को ही दिल्ली में बिजली की डिमांड 6517 मेगा वॉट का आंकड़ा छू लिया है. बिजली डिमांड मामले में इस साल अप्रैल के पिछले तीन-चार दिन का डाटा देखा जाए तो पिछले कुछ साल की आंकड़ों से 400 से 500 मेगावाट ज्यादा है.
बिजली आपूर्ति बनाए रखना चुनौती
बढ़ती मांग के बीच निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखना सरकार और बिजली कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है. हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि पर्याप्त बिजली खरीद समझौते (पावर परचेज एग्रीमेंट) किए गए हैं और आपूर्ति में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी.
गर्मी और हीट वेव का असर
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में हीट वेव की चेतावनी दी है. तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है, जिससे बिजली की खपत और बढ़ेगी. खासकर दोपहर और शाम के समय बिजली की मांग अपने चरम पर होती है.
सरकार और डिस्कॉम की तैयारी
दिल्ली सरकार और डिस्कॉम कंपनियां इस चुनौती से निपटने के लिए पहले से तैयारियां कर रही हैं. अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था, ट्रांसफॉर्मर और ग्रिड की निगरानी, फॉल्ट रिस्पॉन्स टीमों की तैनाती, उपभोक्ताओं के लिए हेल्पलाइन सेवाएं सक्रिय हैं. ऐसे में बिजली की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रहेगी.