राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उसके आस-पास के इलाकों में एक बार फिर से हवा जहरीली हो गई है. हवा की गुणवत्ता बेहद ख़राब होने की वजह से वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रैप-4 लागू कर दिया है. राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स शनिवार शाम को 428 दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत ही खतरनाक माना जाता है. इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने ग्रैप-4 लागू करने का फैसला किया है.
ग्रैप-4 के तहत दिल्ली में सभी निर्माण और ढहाई कार्यों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है, क्योंकि कंस्ट्रक्शन से निकलने वाली धूल प्रदूषण को और बढ़ाने का कारण बनती है. इसके अलावा, ट्रकों की राजधानी में एंट्री भी बैन कर दी गई है, सिर्फ जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों को ही सीमित अनुमति मिलेगी. भारी वाहनों से निकलने वाला धुआं एक बड़ा प्रदूषण स्रोत माना जाता है, इसलिए यह कदम जरूरी है.
बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए दिल्ली के सभी स्कूलों को हाइब्रिड मोड में पढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. इस व्यवस्था के तहत पढ़ाई ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से कराई जाएगी, ताकि बच्चे जहरीली हवा में बाहर न निकलें और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बच सकें.
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CAQM ने साफ किया है कि ये कड़े कदम आपातकालीन स्थिति के मद्देनजर उठाए गए हैं और जब तक हवा की गुणवत्ता सामान्य नहीं हो जाती, इन्हीं नियमों का पालन किया जाएगा. प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे गैरजरूरी बाहर निकलने से बचें और प्रदूषण बढ़ाने वाली गतिविधियों से दूर रहें.
हर साल सर्दियों में बढ़ता प्रदूषण दिल्ली के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है. इस बार भी हालत इतने गंभीर हो गए हैं कि GRAP-4 जैसे अंतिम स्तर के प्रावधान लागू करना पड़ा है.