दिल्ली-NCR की हवा में मामूली सुधार हुआ है. GRAP-3 को हटा भी लिया गया है लेकिन दिल्ली में अब भी कई पाबंदियां लागू हैं. फिलहाल दिल्ली में ग्रेप-1 तथा ग्रेप-2 के नियम लागू रहेंगे.
बुधवार को पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने विभाग के सीनियर अधिकारियों के साथ अहम बैठक की है. बैठक के बाद गोपाल राय ने कहा कि मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में अगर हवा की गति कम होगी तो प्रदूषण का स्तर बढ़ सकता है, पाबंदियों को फिलहाल नहीं हटाया जाएगा.
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि पर्यावरण विभाग द्वारा प्रदूषण की रोकथाम के लिए सभी संबधित विभागों को आदेश जारी किया है. साथ ही, एंटी डस्ट कैम्पेन टीम, एंटी ओपन बर्निग अभियान टीम, वाहनों का पीयूसी चेकिंग करने वाली टीम को ग्राउंड पर एक्टिव रहने के निर्देश दिए गए हैं.
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि हॉट स्पाट पर सभी नियमों का कड़ाई से पालन जारी रखने का आदेश दिया गया है. टीमों को लगातार मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने आगे कहा कि अभी प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए ग्रैप-1 और ग्रैप 2 के नियम लागू रहेंगे और दिल्ली में सभी संबंधित एजेंसियों द्वारा लगातार निगरानी और समीक्षा की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि एक्यूआई स्तर आगे बढ़कर 'गंभीर' श्रेणी में न आएं.
सड़कों पर पानी का छिड़काव जारी रहेगा
मंत्री गोपाल राय ने कहा कि प्रतिदिन चिन्हित सड़कों पर पानी का छिड़काव करने और लगातार मैकेनिकल स्वीपिंग मशीन का उपयोग करने का निर्देश दिया गया है। चिन्हित सड़कों पर 215 मोबाइल एंटी स्मॉग गन से पानी का छिड़काव किया जा रहा है. जिसमें से हॉटस्पॉट के लिए 60 मोबाइल एंटी स्मॉग गन तैनात की गयी है. पानी के छिड़काव के लिए 375 वाटर स्प्रिंक्लिंग मशीन लगायी गयी हैं, मैकनिकल स्वीपिंग के लिए 82 मशीन काम कर रही हैं.
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि 500 स्क्वायर मीटर या इससे ज्यादा एरिया वाले निर्माण प्रोजक्ट को वेव पोर्टल पर पंजिकृत होना अनिवार्य है. इसके लिए डीपीसीसी को विशेष अभियान चलने का निर्देश दिया गया है। सभी कंस्ट्रक्शन साइटों पर निर्माण संबंधी 14 नियमों को पालन करना जरूरी है. नियमों को पालन नहीं करने पर टीमें सख्त कार्रवाई करेगी. इसके लिए 591 टीमें तैनात की गयी है.
एंटी ओपन बर्निंग अभियान के तहत 611 टीम तैनात की गई हैं. दिल्ली में 14 नवंबर से एंटी ओपन बर्निंग अभियान चलाया जा रहा है जो अब 14 दिसंबर तक चलेगा.
पीयूसी नियमों का वाहनों के लिए सख्ती से पालन कराना और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर ज्यादा-से-ज्यादा पेनाल्टी लगाने का निर्देश दिया गया है. इसके लिए ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा 84 और दिल्ली पुलिस की 284 टीम लगाई गई हैं.
मंत्री गोपाल राय ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस ने जिन 91 ट्रैफिक जाम के प्वाईंट का जिक्र किया था, उन जगहों पर स्पेशल टीमों की तैनाती करके जाम की समस्या का निदान करने का निर्देश दिया गया है.
वहीं, GRAP 3 हटने के बाद दिल्ली में BS3 पेट्रोल इंजन और BS4 डीजल इंजन गाड़ियों के चलने से प्रतिबंध हट गया है. साथ ही दिल्ली में निजी निर्माण कार्य और डेमोलिशन पर लगी पाबंदी भी हटा दी गई है.
पर्यावरण मंत्री के मुताबिक, मौजूदा समय में दिल्ली में व्हीकल और बायोमास प्रदूषण की वजह से PM 2.5 में बढ़ोतरी हो रही है. उन्होंने बताया कि पिछले 10 से 15 दिनों में दिल्ली के ITO पर अचानक प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है.
DPCC द्वारा की गई रियल टाइम स्टडी के मुताबिक गाड़ियों के जाम लगने से प्रदूषण बढ़ा है. पर्यावरण विभाग ने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को ITO ट्रैफिक सिग्नल मैन्युअल करने की सलाह दी है.
साथ ही, पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि 23 नवंबर को शादियों की वजह से काफी ज्यादा व्हीकल मूवमेंट हुआ और इससे दिल्ली NCR में प्रदूषण का स्तर 400 से अधिक हो गया था. जिसकी वजह से भी प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा महसूस किया गया.