दिल्ली में अपनी बहन की शादी करने और पिता का कर्ज चुकाने के लिए अपने ही मालिक से 14.5 लाख रुपये लूटने के आरोप में 20 वर्षीय एक युवक और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार किया गया है. यह घटना तब हुई जब मालिक नमन शनिवार को एक आरोपी के साथ ऑटोरिक्शा से हैदरपुर जा रहा था.
डीसीपी (नॉर्थ-वेस्ट) जितेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि आरोपियों की पहचान मुकुंदपुर के रहने वाले गौतम, उसके भाई गुड्डू (23), कुणाल (23) और शकूरपुर के रहने वाले सुमित (19) के रूप में हुई है. पुलिस ने बताया कि इनमें से एक आरोपी अभी भी फरार है.
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, डीसीपी ने बताया कि शनिवार को नमन और उसका ड्राइवर गौतम एक ऑटोरिक्शा में हैदरपुर जा रहा थे. उनके पास एक थैले में 14.5 लाख रुपये थे. जब वे प्रेमबाड़ी अंडरपास के पास कस्तूरबा गांधी प्रौद्योगिकी संस्थान के पास पहुंचे तो उनके ऑटोरिक्शा को एक बाइक ने टक्कर मार दी. बाइक सवार लोग सड़क पर गिर गए. जिसके बाद वो नमन और गौतम से बहस करने लगे. डीसीपी ने कहा, हंगामे के दौरान दो आरोपियों ने पैसे की बोरी चुरा ली और मौके से भाग गए.
11.50 लाख रुपये और दो बाइकें बरामद
जांच के दौरान पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज चेक किए, लेकिन आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी. डीसीपी ने कहा कि पुलिस को ड्राइवर गौतम पर शक हुआ जिसके बाद उससे पूछताछ की गई. उसने अपने भाई और उसके साथियों के साथ अपराध को अंजाम देने की बात कबूल कर ली. इसके बाद दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. अधिकारी ने बताया कि उनके पास से 11.56 लाख रुपये और डकैती में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें बरामद की गईं हैं.
आरोपी को एक साल पहले ही नौकरी पर रखा था
गौतम को नमन ने एक साल पहले ही नौकरी पर रखा. उसने पुलिस को बताया कि उसने अपराध इसलिए किया क्योंकि परिवार आर्थिक तंगी का सामना कर रहा था. पुलिस ने कहा, उसने गुड्डू को नकदी के बारे में बताया और अपनी बहन की शादी का खर्च उठाने और अपने पिता का कर्ज चुकाने के लिए ये अपराध किया. इसके बाद गुड्डू ने सुमित, कुणाल और रोहित को शामिल कर लिया. उन्होंने बताया कि रोहित को पकड़ने के प्रयास किये जा रहे हैं.