दिल्ली जल बोर्ड के मिनरल वाटर बॉटलिंग प्लांट शनिवार से शुरू हो गया है. दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष विधायक सौरभ भारद्वाज ने दक्षिणी दिल्ली के सादिक नगर में इस प्लांट का उद्घाटन किया. इसकी हर दिन 9 हजार बोतल भरने की क्षमता है.
विधायक सौरभ भारद्वाज ने बताया कि यह प्लांट 3 शिफ्ट में काम करेगा. हर शिफ्ट में 3 हजार बोतल पैक करने का काम किया जाएगा. बोतलें भरने के लिए प्लांट को जो पानी सप्लाई किया जा रहा है, उसमें वेस्ट होने वाले पानी को भी दोबारा रिसाइकिल कर इस्तेमाल में लाया जाएगा.
उन्होंने कहा कि फिलहाल लोग लोकल वेंडर से पीने के पानी की बोतले खरीदते हैं, जिसकी क्वालिटी के बारे में किसी को पता नहीं होता है. दिल्ली जल बोर्ड के इस बोटलिंग प्लांट से गंगा का निर्मल और मिनरल युक्त पानी सप्लाई किया जाएगा.
दिल्ली जल बोर्ड तय करेगी पानी की कीमत
विधायक ने बताया कि प्लांट में तैयार होने वाले मिनरल वाटर की गुणवत्ता और क्वालिटी को लेबोरेटरी द्वारा नियमित तौर पर चेक किया जाता रहेगा. साथ ही इन पानी की बोतलों की कीमत भी दिल्ली जल बोर्ड ही निर्धारित करेगा ताकि आम लोगों को सही कीमत पर बाजार से बेहतर पानी उपलब्ध कराया जा सके.
बाजार में बिकने वाले मिनरल वाटर से होगा बेहतर
दिल्ली जल बोर्ड के इस बॉटलिंग प्लांट से जो पानी सप्लाई होगा उसकी क्वालिटी बीआईएस स्टैंडर्ड के मानकों से भी बेहतर होगी. बाजार में बिकने वाली पानी की बोतलों से भी यह बेहतर होगा. इस प्लांट में रोज गंगा नदी से 3.5 लाख लीटर पानी सप्लाई किया जाएगा, जिससे आम लोगों को पीने के लिए गंगा नदी का निर्मल और मिनरल युक्त पानी मिल सके.
इस प्लांट में पानी को पीने योग्य बनाने के लिए एक्टिवेटेड कार्बन और माइक्रो फिल्टरेशन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. इस प्लांट में बॉटलिंग, बोतल की धुलाई, बोतल भरने और पैक करने के लिए किसी इंसान के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं होगी. ये प्लांट पूरी तरह ऑटोमैटिक है.
नहीं किया जाएगा केमिकल का इस्तेमाल
दिल्ली जल बोर्ड इस प्लांट में कामकाज पर पूरी तरह निगरानी रखेगा ताकि पानी की क्वालिटी को लेकर कोई कमी ना होने पाए. इस प्लांट में किसी भी तरह के केमिकल का प्रयोग नहीं किया जाएगा. इसके अलावा इस प्लांट में क्वालिटी को समय समय पर लैबोरेटरी द्वारा चेक किया जाएगा, ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि पानी की बॉटलिंग में सबसे अच्छी तकनीक का सही तरीके से उपयोग किया जा रहा है.