जहां कुछ घड़े हैं भी वहां लॉकडाउन के चलते कारोबार प्रभावित है. ऐसे में भीषण गर्मी में लोग गर्म पानी पीने को मजबूर हैं. दिल्ली के कई इलाकों में ये समस्या इसलिए भी है क्योंकि मिट्टी के घड़े बनाने के लिए मिट्टी दिल्ली के हरियाणा से आती है. लगातार चल रहे लॉकडाउन के चलते मिट्टी की पर्याप्त सप्लाई नहीं हो पा रही है.
दिल्ली में मिट्टी के घड़े बनाने के लिए मशहूर प्रजापति कालोनी के कुम्हार मिट्टी के बर्तन बनाने की कला में माहिर हैं. यहां करीब 11 कलाकार राष्ट्रपति से भी सम्मानित हो चुके हैं. यहां पर मिट्टी के सामान और बर्तन खरीदने के लिए विदेशी भी आते हैं.
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कुम्हारों के सामने रोजगार का संकट
राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित प्रजापति कॉलोनी के प्रधान हरिकिशन ने बताया कि हरियाणा से मिट्टी न आ पाने की वजह है कॉलोनी के कलाकार मायूस हैं. सबके सामने रोजी-रोटी का संकट है. गर्मी की वजह से बेहद कम ही ग्राहक आते हैं.
दुकानों पर पसरा सन्नाटा
नहीं बन रहे मिट्टी के घड़े
सुभाष कुमार ने बताया कि इस साल मिट्टी के घड़े नहीं बन पाए हैं, जो बने हैं वो बिक नही रहे हैं. खासियत ये है कि कॉलोनी में मिट्टी के सामान गेंहू के दाने जैसी साइज से लेकर 20 फीट तक ऊंचे मिल जाते हैं. उत्तम नगर विधानसभा के अंतर्गत आने वाली प्रजपाती कॉलोनी के मिट्टी के बर्तनों और अन्य वस्तुओं की मांग विदेशों तक है.