आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ई रिक्शा के मुद्दे पर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिले, लेकिन कांग्रेस को इसमें 'राजनीतिक साजिश' नजर आ रही है. कांग्रेस ने केजरीवाल पर बीजेपी से मिले होने और सरकार बनाने को लेकर बात करने का आरोप लगाया है.
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस समिति के मुख्य प्रवक्ता मुकेश शर्मा ने एक बयान में कहा, 'बीजेपी और AAP समान सोच के दल हैं जो दिल्ली में धर्मनिरपेक्ष बलों को बांटने की कोशिश कर रहे हैं. अपनी बैठक में वे सरकार बनाने को लेकर बातचीत कर रहे थे. यह ई रिक्शा चालकों की आंख में धूल झोंकना है. उन्होंने कहा कि केजरीवाल बीजेपी से मिले हुए हैं जो उनकी गडकरी से मुलाकात से जाहिर हो गया है.'
गौरतलब है कि दिल्ली के ई रिक्शा वालों के मुद्दे को लेकर मंगलवार को AAP नेता अरविंद केजरीवाल भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के दफ्तर पहुंचे और उनसे बातचीत की. केजरीवाल और गडकरी दोनों ने इस मुलाकात के बारे में ट्वीट भी किए थे.
Met trnsprt min Sh Nitin Gadkari. 2 lakh poor e-rick drivers suffering due to policy paralysis, first under cong n now under BJP......
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)
.....Quick decisions by govt wud have prevented court ban on e-ricks.....
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)
.....Urged him to end policy paralysis and save these families. He assured swift action
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)
Met a delegation of AAP, Explained them about the efforts taken by the Government in regularizing E-rickshaws.
— Nitin Gadkari (@nitin_gadkari)
Gave a copy of my book "India Aspires" to former Chief Minister Delhi Shri
— Nitin Gadkari (@nitin_gadkari)
हालांकि मुलाकात के बाद भी केजरीवाल ने नितिन गडकरी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि गडकरी ने मंत्री बनने के बाद रामलीला मैदान से कई वादे किए थे, लेकिन वह उन्हें लागू नहीं कर पाए. केजरीवाल ने कहा, 'उन्होंने कहा कि उनके मंत्रालय ने कहा कि वे वादे पूरे नहीं किए जा सकते क्योंकि वे कानून सम्मत नहीं हैं.'
Gadkari ji made several announcements on 17 June at Ramlila Maidan but did not implement them later....
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)
...he said that his ministry later told him that those announcements cud not be implemented as they were not legal. Strange!
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)
याद रहे कि गडकरी के मानहानि के मामले में ही अरविंद केजरीवाल को जेल जाना पड़ा था.