एक बार फिर दिल्ली को अरविंद केजरीवाल का आंदोलन देखने को मिल सकता है. इस पर केजरीवाल के निशाने पर है केंद्र सरकार और मुद्दा है ई-रिक्शा. आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविन्द केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि अगर अगले 10 दिन में प्रतिबंधित ई-रिक्शा पर कोई फैसला नहीं किया गया तो वह आंदोलन करेंगे. केजरीवाल ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात करने के बाद कहा कि अगर तेजी से कोई फैसला किया गया होता तो सरकार ई-रिक्शा को प्रतिबंध से बचा सकती थी.
.....Quick decisions by govt wud have prevented court ban on e-ricks.....
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)
आप नेता ने कहा, ‘कांग्रेस सरकार नीति-निर्धारण में पंगुता का शिकार हुई और कोई फैसला नहीं किया. बीजेपी सरकार भी उसी समस्या का सामना कर रही है.’ केजरीवाल ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री की आलोचना करते हुए कहा कि गडकरी ने रामलीला मैदान में रैली में घोषणा की थी कि ई-रिक्शा के मुद्दे पर जल्द ही कोई नीतिगत फैसला किया जाएगा.
Gadkari ji made several announcements on 17 June at Ramlila Maidan but did not implement them later....
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal)
आप नेता ने कहा, ‘नितिन गडकरी ने रामलीला मैदान में एक रैली को संबोधित किया था और आश्वासन दिया था कि मंत्रालय एक माह के अंदर कोई नीति पेश करेगा. लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ और ई-रिक्शा चालकों के 2 लाख से ज्यादा परिवार भूखे मर रहे हैं. अगर इस पर अगले 10 दिन में कोई नीति नहीं आती है तो हम आंदोलन छेड़ेंगे.’
आप नेता ने दावा किया कि जब उन्होंने रैली में किए गए आश्वासन के बारे में गडकरी से पूछा तो सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने जवाब दिया कि उनपर अमल नहीं किया जा सका क्योंकि वे कानूनी प्रकृति के नहीं थे.
केजरीवाल ने अपने ट्वीट संदेश में कहा, ‘उन्होंने (गडकरी ने) कहा कि उनके मंत्रालय ने बाद में उनसे कहा कि इन घोषणओं को कार्यान्वित नहीं किया जा सकता क्योंकि वे कानूनी नहीं हैं. आश्चर्यजनक.’
Policy paralysis that existed during UPA regime still exists during NDA, they are yet to make a policy on e-rickshaws: Arvind Kejriwal
— Kumar Amit (@Ikumar7)
गडकरी ने सोमवार को कहा था कि ई-रिक्शा चलाने पर अगले 10 दिनों में कोई अधिसूचना जारी की जाएगी. हाई कोर्ट ने ई-रिक्शा चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है.
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने कहा था, ‘ई-रिक्शा से संबंधित एक अधिसूचना जारी की गई है. हम इसे वेबसाइट पर डालेंगे और अगले दस दिन में लोगों की राय लेंगे और उसके तत्काल बाद समस्या हल करेंगे. हम ई-रिक्शा चलाने के लिए (अंतिम) अधिसूचना 10 दिन बाद जारी करेंगे.’ केजरीवाल ने कहा कि गडकरी ने दिल्ली पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी से भी संपर्क किया था क्योंकि दिल्ली पुलिस ने बहुत से ई-रिक्शा जब्त किए हैं.’ उन्होंने कहा, ‘ई-रिक्शा चालकों ने शिकायत की है कि उनके वाहनों के कई कलपुर्जे लापता हैं. पुलिस आयुक्त ने आश्वासन दिया है कि अगर चालक और मालिक अदालत के समक्ष वाहनों के छोड़े जाने का कोई आग्रह करें तो पुलिस उसका विरोध नहीं करेगी.’
गडकरी ने कहा, गरीबों का हित सर्वोपरि
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार के लिये ई-रिक्शा के मामले में नया दिशानिर्देश को अंतिम रूप देते समय गरीबों का हित सर्वोपरि होगा. उन्होंने यह बात आम आदमी पार्टी (आप) नेता तथा दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में उनसे मिलने आये प्रतिनिधिमंडल से यह बात कही.
उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘आप के प्रतिनिधिमंडल से मिला, उन्हें ई-रिक्शा के नियमन के लिये सरकार की तरफ से उठाये गये कदमों के बारे में जानकारी दी.’ मंत्री ने कहा कि उन्होंने केजरीवाल तथा आप प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि एनडीए सरकार के लिये गरीबों का हित सर्वोपरि है.
गडकरी ने कहा कि उन्होंने आप प्रतिनिधियों से मंत्रालय की नई अधिसूचना पर प्रतिनिधियों से तर्कसंगत प्रतिक्रिया देने को कहा.