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काम पर लौटेंगे दिल्ली के 10 हजार बस मार्शल... एंटी-पॉल्यूशन ड्राइव में होगी तैनाती, प्रस्ताव मंजूर

मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि सोमवार से सिविल डिफेंस वालंटियर्स को कॉल आउट नोटिस जारी किए जाएंगे और फिर वे मंगलवार और बुधवार को संबंधित जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में अपना पंजीकरण शुरू करा सकते हैं.

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दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी. (Photo: PTI)
दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी. (Photo: PTI)

दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने शनिवार को कहा कि लगभग 10,000 सिविल डिफेंस वालंटियर्स (CDVs) जिन्हें पिछले साल बस मार्शल के पद से हटा दिया गया था, वे अगले सप्ताह से चार महीने के लिए काम पर लौट आएंगे और उन्हें प्रदूषण विरोधी उपायों को लागू करने के लिए काम पर लगाया जाएगा. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने इससे संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. 

मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि सोमवार से सिविल डिफेंस वालंटियर्स को कॉल आउट नोटिस जारी किए जाएंगे और फिर वे मंगलवार और बुधवार को संबंधित जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में अपना पंजीकरण शुरू करा सकते हैं. उन्होंने कहा, 'पंजीकरण के दो-तीन दिनों के भीतर, सिविल डिफेंस वालंटियर्स को प्रदूषण फैलाने वाले हॉटस्पॉट के प्रबंधन, धूल और कचरा जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने जैसे कार्यों के लिए तैनात किया जाएगा.'

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीडीवी को 2018 में तत्कालीन केजरीवाल सरकार द्वारा बस मार्शल के रूप में तैनात किया गया था, लेकिन भाजपा ने एक साजिश के तहत उन्हें अक्टूबर 2023 में हटा दिया. उन्होंने कहा, 'हालांकि, केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी नेताओं और मंत्रियों ने हटाए गए बस मार्शलों के साथ मिलकर लड़ाई लड़ी और उन्हें उनकी नौकरियां वापस दिलाईं.'

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मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार सीडीवी को नियमित करने के लिए जल्द ही एक प्रस्ताव भेजेगी. वित्त और राजस्व विभागों द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद सीडीवी को 1 नवंबर, 2023 से हटा दिया गया था. इन विभागों ने आपत्ति जाहिर की थी कि सीडीवी डिजास्टर मैनेजमेंट से संबंधित कार्यों में काम करने के लिए थे और बस मार्शल के रूप में उनकी तैनाती गलत थी.

बीजेपी का पलटवार 

दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने बस मार्शलों की प्रदूषण रोधी उपायों में तैनाती के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी को आखिरकार बीजेपी के दबाव में आकर झुकना ही पड़ा. ये बीजेपी की ही लड़ाई थी जिस पर सरकार को झुकना पड़ा. आज भी मुख्यमंत्री आतिशी कह रही हैं कि 11 नवंबर से उनको रोजगार देंगे. लेकिन हमारी मांग है कि उपराज्यपाल की तरफ से आदेश दिया गया था कि 1 नवंबर से उनको काम पर लगाया जाए, तो उनको सैलरी भी 1 नवंबर से दी जानी चाहिए।. इन बस मार्शलों की दिवाली तो दिल्ली सरकार ने खराब कर दी. लेकिन आने वाले वक्त में इनको समय पर सैलरी मिल जाए यही मांग हमारी है.'

पिछले दिनों दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मुख्यमंत्री आतिशी को पत्र लिखकर हटाए गए बस मार्शलों को दोबारा नियुक्त करने के मुद्दे पर दिल्ली सरकार को कठघरे में खड़ा किया था. एलजी ने सीएम को लिखे पत्र में कहा था कि उनको पिछले साल काम से हटाए गए बस मार्शलों की दोबारा नियुक्ति के लिए अभी तक कोई प्रस्ताव नहीं मिला है. अब मुख्यमंत्री आतिशी ने बताया कि बस मार्शलों को फिर से बहाल करने के संबंध में प्रस्ताव मंजूर कर लिया गया है.

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