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क्या नोटबंदी पर लालू प्रसाद के विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे नीतीश?

नोटबंदी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन करने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार क्या अपना रुख बदल कर नोटबंदी का विरोध करेंगे? राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की मानें तो नीतीश ऐसा ही करेंगे.

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नोटंबदी पर 28 दिसंबर को बिहार भर में धरना प्रदर्शन नोटंबदी पर 28 दिसंबर को बिहार भर में धरना प्रदर्शन

नोटबंदी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन करने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार क्या अपना रुख बदल कर नोटबंदी का विरोध करेंगे? राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की मानें तो नीतीश ऐसा ही करेंगे. दरअसल नोटबंदी का विरोध करने वाले लालू प्रसाद यादव ने 28 दिसंबर को इस मुद्दे पर बिहार भर में धरना प्रदर्शन का ऐलान किया है.

लालू ने मंगलवार को ऐलान किया कि नोटबंदी के खिलाफ इस धरना प्रदर्शन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल होंगे. बिहार में गठबंधन सरकार के सहयोगी लालू प्रसाद ने ऐलान किया, 'नीतीश कुमार भी 28 दिसंबर को नोटबंदी पर राष्ट्रीय जनता दल के विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे.'

नोटबंदी पर लालू-नीतीश का अलग-अलग रुख
दरअसल नोटबंदी के एलान के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहले ऐसे गैरभाजपाई मुख्यमंत्री थे, जिन्होंने नोटबंदी का समर्थन किया था. नीतीश की यह बात आरजेडी को नागवार गुजरी, क्योंकि एक तरफ जहां नीतीश खुलकर नोटबंदी का समर्थन करते दिख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद इसके विरोध में आवाज उठा रहे हैं.

नोटबंदी के मुद्दे पर लालू प्रसाद और नीतीश कुमार का स्टैंड बिल्कुल अलग है और माना जा रहा है कि लालू के इस एकतरफा ऐलान के बाद नीतीश कुमार नोटबंदी पर आरजेडी के विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे. यहां इस बात की भी कोशिश है कि महागठबंधन सरकार में दरार की अटकलों को इससे शांत किया जाए.

नोटबंदी पर भारत बंद से दूर रहे थे नीतीश
गौरतलब है कि नोटबंदी के मुद्दे पर 28 नवंबर को विरोधी दलों द्वारा बुलाए गए भारत बंद के दौरान भी जनता दल यूनाइटेड ने खुद को इससे दूर रखा था, जबकि बिहार में उनकी गठबंधन सहयोगी आरजेडी और कांग्रेस ने इस भारत बंद में हिस्सा लिया था. हालांकि नीतीश कुमार ने कुछ दिन पहले कहा था कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मांगे 50 दिन की समयसीमा के पूरे होने के बाद ही नोटबंदी की समीक्षा करेंगे. हालांकि लालू का मानना है कि नीतीश भी नोटबंदी पर विरोध प्रदर्शन में उनका साथ देंगे. आरजेडी प्रमुख ने भरोसा जताया, 'नीतीश कुमार ने नोटबंदी का समर्थन किया है, मगर वह जनता की तकलीफों के साथ हैं और उन्होंने मुझसे कहा है कि वह 50 दिनों के बाद फिर से नोटबंदी की समीक्षा करेंगे.'

दिलचस्प है कि लालू के एकतरफा ऐलान पर नीतीश कुमार या फिर उनके पार्टी के किसी भी नेता ने कोई टिप्पणी नहीं की है. ऐसे हालात में क्या नीतीश कुमार यू-टर्न लेते हुए राष्ट्रीय जनता दल के विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे यह बड़ा सवाल है.

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