जेडीयू और बीजेपी के रिश्ते पर अब तक समझा जा रहा था कि यह जल्द ही टूट जाएगा, पर ऐसा नहीं है. शुक्रवार को जेडीयू का रवैया कुछ नरम नजर आया. शुक्रवार को ही बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने बीजेपी कोटे के मंत्रियों को जनता दरबार में शामिल होने के लिए चिट्ठी भेजी तो शरद यादव ने दो दिनों के अल्टीमेटम की खबरों को गलत बताया.
इससे पहले खबरें आई थीं कि नीतीश कुमार ने बीजेपी को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए दो दिन के भीतर पीएम पद के उम्मीदवार का नाम तय करने को कहा है. गुरुवार रात बीती तो जेडीयू के सुर नरम हो गए.
जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव का ने बयान दिया कि दो दिनों का कोई अल्टीमेटम बीजेपी को नहीं दिया गया है. उन्होंने कहा कि पार्टी के विधायकों की बैठक में फैसला होगा कि एनडीए में बने रहना है या नहीं.
नीतीश ने बीजेपी मंत्रियों को 17 जून के जनता दरबार के लिए बुलाया है. इसके लिए नीतीश कुमार ने बाकायदा चिट्ठी लिखी है. इस कदम को बिहार में बीजेपी और जेडीयू के बीच घटते तनाव का संकेत माना जा रहा है.
मोदी तो बीजेपी का दिल हैं: रामाधर सिंह
बिहार के सहकारिता मंत्री और बीजेपी नेता रामाधर सिंह ने कहा कि हम चाहते हैं कि गठबंधन बना रहे. उन्होंने मोदी की तारीफ की और कहा कि मोदी बीजेपी का दिल हैं.
PM उम्मीदवारी पर JDU को अभी आश्वासन नहीं
बीजेपी ने कहा था कि जेडीयू को प्रधानमंत्री पद के नाम के संबंध में कोई आश्वासन नहीं दिया गया. इस मुद्दे पर एक सवाल के जवाब में बीजेपी प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा, ‘मैं नहीं मानती कि जेडीयू को इस बाबत कोई आश्वासन दिया गया है कि पार्टी का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार कौन होगा या कौन नहीं होगा.’
सीतारमन ने यह भी कहा कि जेडीयू यह फैसला नहीं कर सकती कि किसे बीजेपी का प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार होना चाहिए. उन्होंने कहा, ‘ए बी या सी को चुनने का फैसला पूरी तरह बीजेपी का काम है.’