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दिल्ली में सीलिंगः मुख्यमंत्री तुम कब आओगो, व्यापारी कर रहे इंतजार

जब दुकानदारों और व्यापारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया तो आनन फानन में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अमर कॉलोनी मार्केट पहुंच कर सीलिंग न रुकने पर 31 मार्च से इनके साथ धरने पर बैठने का वायदा किया था. अब ये दुकानदार मुख्यमंत्री का इंतज़ार कर रहे हैं.

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प्रदर्शन करते व्यापारी
प्रदर्शन करते व्यापारी

बोलने के लिए मंच और बैठने को कुर्सियां, ये नज़ारा है दिल्ली के अमर कॉलोनी मार्केट का, जहां दुकानदार मंच सजा कर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इंतज़ार में बैठे हैं. दरअसल दिल्ली की अब तक की सबसे बड़ी सीलिंग की कार्रवाई की गई है. 700 दुकानों में से 450 को सील किया गया है. इससे 5 लाख लोग सीधे सीधे प्रभावित हुए हैं.

दरअसल, जब दुकानदारों और किया तो आनन फानन में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अमर कॉलोनी मार्केट पहुंच कर सीलिंग न रुकने पर 31 मार्च से इनके साथ धरने पर बैठने का वायदा किया था. अब ये दुकानदार मुख्यमंत्री का इंतज़ार कर रहे हैं.

ये दिल्ली में लेडीज वियर का सबसे बड़ा थोकभाव और रिटेल का बाजार है. महा रैली में इस मार्केट के करीब 10 हज़ार लोगों ने हिस्सा लिया और रैली की सफलता को लेकर ये आश्वस्त भी हैं. लेकिन घर की आमदनी का एक मात्र सहारा उनकी दुकान अब बंद है और कब तक बंद रहेगी इसका पता नहीं है. मुख्यमंत्री को बुलाने के लिए ये इन्होंने कैंडल मार्च भी निकाला.

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मार्केट से लेकर मूलचंद फ्लाईओवर तक एक मानव श्रृंखला बनाई. इसमें बच्चों और महिलाओं ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया. बच्चों ने भी अपनी दुकानें खुलवाने के लिए मुख्यमंत्री से गुहार लगाई.

मार्केट एसोसिएशन के विजय ने कहा, "हमें मुख्यमंत्री का इंतज़ार है. उन्होंने वादा किया था की 31 तारीख से वे हमारे साथ अनशन करेंगे. जब तक हमारी दुकानें वापस नहीं मिलेंगी, तब तक हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा. आज बच्चों और महिलाओं ने कैंडल मार्च निकाला है. हम हर दिन कुछ न कुछ करेंगे,"

उन्होंने कहा कि सबकी आंखें अब मुख्यमंत्री का इंतज़ार कर रही हैं. सब इसी उम्मीद में बैठे हैं कि मुख्यमंत्री इनके दुख में इनका साथ देने जरूर आएंगे. दुकानदारों का मानना है कि अरविंद केजरीवाल के इनके साथ धरने पर बैठने से इनका मनोबल बढ़ेगा और केंद्र की सरकार पर भी दबाव बनेगा.

एक अन्य दुकानदार नीरज ने कहा, " अगर मुख्यमंत्री जी हमारे साथ देने नहीं आए तो अगली बार उनको वोट मांगने भी नहीं आना चाहिए, जो हमारे साथ नहीं है वो मुखिया कैसा, उनको आना ही होगा और अगर नहीं आए तो अगली बार चुनाव के समय हम भी उनका साथ नहीं देंगे.",

दिल्ली में 28 मार्च की अपनी महारैली के बाद भी व्यापारी दुकानों को लेकर अंधेरे में हैं. तो दिखा लिया पर सवाल अब भी बरकार है कि सील हुई दुकानों का क्या होगा और अगर दिल्ली में दोबारा सीलिंग शुरू हुई तो अगला नंबर किसका होगा. इन सब के बीच इंतज़ार दिल्ली के मुख्यमंत्री का भी हो रहा है.

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