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बिहार कांग्रेस को एक और झटका! पूर्व अध्यक्ष सदानंद सिंह के बेटे JDU में शामिल

महागठबंधन में उनकी सहयोगी राजद ने हाल में हुए विधानसभा उपचुनाव के पहले उनका साथ छोड़ दिया था. पिछले एक दशक में बिहार कांग्रेस के तीन पूर्व अध्यक्ष दूसरी पार्टियों में शामिल हुए हैं.

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मुकेश को जदयू में शामिल कराते ललन सिंह.
मुकेश को जदयू में शामिल कराते ललन सिंह.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बिहार में कांग्रेस की सहयोगी राजद ने भी हाल ही में छोड़ा है साथ
  • एक दशक में बिहार कांग्रेस के तीन पूर्व अध्यक्ष छोड़ चुके हैं साथ

बिहार कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सदानंद सिंह के बेटे शुभानंद मुकेश रविवार को जनता दल यूनाइटेड में शामिल हो गए. बड़ी संख्या में उनके समर्थकों ने भी जदयू की सदस्यता ग्रहण की. मुकेश को जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ​​ललन सिंह ने पार्टी की सदस्यता दिलाई. दिवंगत सदानंद सिंह कांग्रेस के दिग्गज नेता थे. बता दें कि दो महीने पहले ही सदानंद सिंह का निधन हुआ था.

उधर, बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी (बीपीसीसी) के प्रमुख मदन मोहन झा ने कहा कि मुकेश की पहचान उनके पिता की वजह से है, उनकी अपनी कोई राजनीतिक उपलब्धि नहीं है. मुकेश ने पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव में कलहगांव से काग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार मिली थी.

इस सीट से सदानंद सिंह रिकॉर्ड आठ बार विधायक रहे थे. वे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और कांग्रेस विधायक दल के नेता भी थे. जब उनकी तबीयत खराब चल रही थी तब मुकेश ने कांग्रेस नेतृत्व पर पिता के प्रति उदासीनता दिखाने का आरोप भी लगाया था.

बिहार कांग्रेस में सब ठीक नहीं!

बिहार कांग्रेस के लिए पिछले कुछ महीने ठीक नहीं रहे हैं. महागठबंधन में उनकी सहयोगी राजद ने हाल में हुए विधानसभा उपचुनाव के पहले उनका साथ छोड़ दिया था. पिछले एक दशक में बिहार कांग्रेस के तीन पूर्व अध्यक्ष दूसरी पार्टियों में शामिल हुए हैं. इनमें अशोक चौधरी भी शामिल हैं जो मुकेश के जेडीयू में शामिल होने के दौरान कार्यक्रम में मौजूद थे.

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चौधरी के अलावा महबूब अली कैसर जो खगड़िया से दूसरी बार लोजपा सांसद हैं और तीसरे राम जतन सिन्हा हैं जो सदानंद सिंह आलोचक रहे हैं हैं, जो खगड़िया से लोजपा सांसद के रूप में अपना दूसरा कार्यकाल पूरा कर रहे हैं, और राम जतन सिन्हा, जो सदानंद सिंह के घोर आलोचक रहे हैं. फिलहाल, वे अपनी राजनीतिक जमीन तलाश रहे हैं.

 

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