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चिराग का मूड भांपने से चूके तेजस्वी, सुशील मोदी को क्या मिलेगा वॉकओवर?

बिहार राज्यसभा चुनाव में आरजेडी ने एलजेपी प्रमुख चिराग पासवान की मां रीना पासवान को महागठबंधन की तरफ से राज्यसभा उम्मीदवार बनने का प्रस्ताव दिया था, जिस पर वो तैयार नहीं हुए. चिराग का मूड भांपने में चूके तेजस्वी यादव ने अभी तक बीजेपी के सुशील मोदी के खिलाफ राज्यसभा के लिए किसी प्रत्याशी के नाम का ऐलान नहीं किया है. ऐसे में क्या सुशील मोदी को वाकओवर मिलेगा?

सुशील मोदी और तेजस्वी यादव सुशील मोदी और तेजस्वी यादव
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बिहार राज्यसभा चुनाव के नामांकन का आखिरी दिन
  • एलजेपी ने राज्यसभा चुनाव लड़ने से किया इनकार
  • सुशील मोदी क्या निर्विरोध राज्यसभा सदस्य चुने जाएंगे

रामविलास पासवान के निधन से खाली हुई बिहार की राज्यसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के लिए गुरुवार को नामांकन का आखिरी दिन है. आरजेडी ने एलजेपी प्रमुख चिराग पासवान की मां रीना पासवान को महागठबंधन की तरफ से राज्यसभा उम्मीदवार बनने का प्रस्ताव दिया था, जिस पर वो तैयार नहीं हुए. चिराग का मूड भांपने में चूके तेजस्वी यादव ने अभी तक बीजेपी के सुशील मोदी के खिलाफ राज्यसभा के लिए किसी प्रत्याशी के नाम का ऐलान नहीं किया है. ऐसे में क्या सुशील मोदी को वॉकओवर मिलेगा? 

एलजेपी को रीना पासवान को राज्यसभा सीट पर उतारने का ऑफर देकर आरजेडी बिहार में अपने समीकरण को भी मजबूत करना चाहती थी. विधानसभा चुनाव के बाद बिहार की राजनीति में अलग-थलग पड़ी एलजेपी को आरजेडी के इस प्रस्ताव के जरिए अपने खेमे में मिलाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा था. महागठबंधन के प्रस्ताव पर चार दिनों तक विचार और तेजस्वी को इंतजार कराने के बाद एलजेपी प्रमुख चिराग पासवान ने आखिरकार इनकार कर दिया. 

चिराग पासवान ने कहा कि 'रामविलास पासवान के निधन से रिक्त राज्यसभा सीट पर एलजेपी चुनाव नहीं लड़ेगी. राज्यसभा की यह सीट पार्टी संस्थापक के लिए थी जब पार्टी के संस्थापक ही नहीं रहे तो अब यह सीट बीजेपी की है और वो किसको देती है यह उनका निर्णय है. एलजेपी ऐसे में राज्यसभा सीट पर अपना कोई प्रत्याशी नहीं उतारेगी.'

राज्यसभा सीट की पेशकश में चिराग पासवान का मूड भांपने से चूके तेजस्वी यादव ने अभी तक दूसरा कोई प्रत्याशी नहीं उतारा है. वहीं, राज्यसभा चुनाव के नामांकन का आखिरी दिन है. अभी तक सिर्फ बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने ही अकेले नामांकन कर रखा है, जिन्हें एनडीए के सभी सहयोगी दलों का समर्थन हासिल है. हालांकि, राज्यसभा चुनाव का गणित भी कहीं न कहीं सुशील मोदी के पक्ष में है. यही वजह है कि चिराग पासवान तेजस्वी के पेशकश पर तैयार नहीं हुए. 

बिहार विधानसभा में कुल 243 सदस्य हैं. राज्यसभा सीट जीतने के लिए 122 विधायकों का समर्थन चाहिए. एनडीए को 126 विधायकों का समर्थन हासिल है जबकि महागठबंधन के साथ 110 विधायक और सात अन्य हैं. विपक्ष के सभी विधायकों के एकजुट होने के बाद भी महागठबंधन जरूरी संख्या तक नहीं पहुंचता दिख रहा. हालांकि, राज्यसभा चुनाव में विधायकों के क्रॉस वोटिंग करने पर सदस्यता नहीं खत्म होती है. 

बिहार स्पीकर चुनाव में बीजेपी विधायक से आरजेडी प्रमुख लालू यादव की बातचीत का कथित ऑडियो वायरल हो जाने के बाद विपक्ष ने आरजेडी पर हमला बोल दिया था. इस किरकिरी के चलते लालू प्रसाद की मुश्किलों में इजाफा भी हो गया था. लालू यादव को दोबारा से रिम्स में भर्ती होना पड़ा था. ऐसे में क्या यही वजह है कि एलजेपी के इनकार के बाद आरजेपी राज्यसभा में अपना कोई प्रत्याशी नहीं उतारा है. 

राज्यसभा चुनाव नामांकन की आखिरी तारीख तीन दिसंबर है. ऐसे में अगर आरजेडी या विपक्षी खेमे से किसी ने गुरुवार को शाम तीन बजे तक अगर किसी और प्रत्याशी ने नामांकन नहीं किया तो बीजेपी के सुशील मोदी का निर्विरोध चुना जाना तय है. बिहार में सुशील मोदी तीसरे नेता बन जाएंगे जो चारों सदन यानी कि विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य बने हों. 

 

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