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फेफड़ों की इस जानलेवा बीमारी से जूझ रहे थे प्रतीक यादव, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव का 38 साल की उम्र में निधन हो गया. वह लंबे समय से हाई ब्लड प्रेशर और फेफड़ों की खतरनाक समस्या से जूझ रहे थे. जानें क्या पल्मोनरी एम्बोलिज्म के लक्षण और बचाव के उपाय.

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प्रतीक यादव को पल्मोनरी एम्बोलिज्म नामक बीमारी थी.  (PHOTO:ITG)
प्रतीक यादव को पल्मोनरी एम्बोलिज्म नामक बीमारी थी. (PHOTO:ITG)

Prateek Yadav Death: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले भाई और बीजेपी नेता अपर्णा के पति प्रतीक का 13 मई 2026 की सुबह निधन हो गया. 38 साल के प्रतीक की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद परिवार के लोग उन्हें लखनऊ के हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. उनके अचानक निधन की खबर से राजनीतिक गलियारों और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई.

राजनीति से दूरी बनाकर रखने वाले प्रतीक फिटनेस और बिजनेस से जुड़े कामों में एक्टिव रहते थे. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, वह लंबे समय से फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे. बताया जा रहा है कि वह पल्मोनरी एम्बोलिज्म नाम की एक खतरनाक बीमारी से जूझ रहे थे. 

लखनऊ के मेदांता अस्पताल की एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. रुचिता शर्मा ने Aajtak.in से बातचीत में बताया कि प्रतीक यादव उनके पुराने मरीज थे और वो करीब 6 सालों से उनका इलाज कर रही थीं. प्रतीक हाई ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन और पल्मोनरी एम्बोलिज्म नाम की खतरनाक बीमारी से जूझ रहे थे. 

लंबे समय तक बैठे रहने और बार-बार लंबी फ्लाइट्स लेने की वजह से इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है. जब पहली बार प्रतीक में इस बीमारी का पता चला था, तब इसकी मुख्य वजह लगातार की जाने वाली लंबी हवाई यात्राएं मानी गई थीं. उनकी अक्सर लॉन्ग फ्लाइट्स होती थीं, पिछले कुछ समय से वह अपनी फिटनेस पर भी खास ध्यान नहीं दे पा रहे थे. फिजिकल एक्टिविटी की कमी भी इस बीमारी के खतरे को और बढ़ा देती है. 

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क्या है पल्मोनरी एम्बोलिज्म?

पल्मोनरी एम्बोलिज्म एक बेहद गंभीर स्थिति है, जिसमें ब्लड क्लॉट फेफड़ों की धमनियों में जाकर फंस जाता है. इससे फेफड़ों में ब्लड फ्लो रुकने लगता है और दिल की कार्यक्षमता पर असर पड़ता है.

क्या होता है पल्मोनरी एम्बोलिज्म?

पल्मोनरी एम्बोलिज्म ऐसी स्थिति है, जब शरीर के किसी हिस्से, खासतौर पर पैरों की नसों में बना खून का थक्का टूटकर फेफड़ों तक पहुंच जाता है. वहां जाकर यह धमनियों को ब्लॉक कर देता है, जिससे बॉडी को सही मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है. 

एक्सपर्ट्स के अनुसार यह मेडिकल इमरजेंसी होती है और समय पर इलाज न मिलने पर मरीज की जान भी जा सकती है.

इन लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

पल्मोनरी एम्बोलिज्म के लक्षण अचानक सामने आते हैं, जिनको कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. जैसे:

  • अचानक सांस फूलना
  • सीने में तेज दर्द
  • दिल की धड़कन तेज होना
  • चक्कर आना या बेहोशी
  • खांसी के साथ खून आना
  • ज्यादा कमजोरी महसूस होना

कई बार लोग इन लक्षणों को सामान्य थकान या सांस की समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है.

किन लोगों को ज्यादा रहता है खतरा?

हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, कुछ आदतें और बीमारियां पल्मोनरी एम्बोलिज्म का खतरा बढ़ा सकती हैं. इनमें शामिल हैं:

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  • लंबे समय तक बैठे रहना
  • मोटापा
  • धूम्रपान
  • हाई ब्लड प्रेशर
  • हार्ट और फेफड़ों की बीमारी
  • हाल में हुई सर्जरी या चोट
  • फिजिकल एक्टिविटी की कमी

डॉक्टर सलाह देते हैं कि नियमित एक्सरसाइज, एक्टिव लाइफस्टाइल और समय-समय पर हेल्थ चेकअप से इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है. 

 

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