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क्या आपके कूल्हों में भी रहता है दर्द? डॉक्टर की बताई इस 15 मिनट की ट्रिक से बिना दवाई खुद-ब-खुद होगा ठीक

क्या आप भी घंटों बैठकर काम करते हैं? फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. पॉलिना क्लोस्कोव्स्का ने साझा किया है एक खास 15-मिनट रूल, जो न केवल जोड़ों के दर्द को कम करता है बल्कि आपके शरीर के टिश्यूज को नेचुरल तरीके से रिपेयर करने में भी मदद करता है. जानें सिडेंटरी लाइफस्टाइल से होने वाले हिप पेन से बचने के आसान उपाय.

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15 मिनट के मूवमेंट की मदद से आपका कूल्हे का दर्द ठीक हो सकता है. (Photo: ITG)
15 मिनट के मूवमेंट की मदद से आपका कूल्हे का दर्द ठीक हो सकता है. (Photo: ITG)

आज के डिजिटल दौर में आपका ज्यादातर समय लैपटॉप के सामने या ऑफिस की कुर्सी पर बैठे-बैठे बीत जाता है. घंटों एक ही पोजीशन में बैठे रहने से हमारे शरीर का निचला हिस्सा, खासकर कूल्हे और जोड़ पत्थर की तरह सख्त होने लगते हैं. अक्सर आप इसे मामूली थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही आगे चलकर दर्द का रूप ले लेता है जो आपके लिए परेशान की वजह बन सकती है.

हाल ही में एक मशहूर विदेशी फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. पॉलिना क्लोस्कोव्स्का ने एक पॉडकास्ट में एक ऐसी जादुई तरकीब शेयर की है, जो न केवल वैज्ञानिक है बल्कि इतनी आसान है कि कोई भी इसे अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बना सकता है. आज हम आपको डॉ. पॉलिना के उस 15 मिनट के गोल्ड रूल और जोड़ों को फिट रखने के तरीकों को बताया है.

15 मिनट का जादू: 'मूवमेंट ही है असली दवा'
क्या आप जानते हैं कि हमारे कूल्हे (Hip Joints) कितने ताकतवर होते हैं? फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. पॉलिना के अनुसार, जब आप नॉर्मली चलते हैं, तो आपके कूल्हे शरीर के वजन का 300% भार संभालते हैं, और हल्की दौड़ के दौरान ये भार 900% तक पहुंच जाता है. लेकिन जोड़ों की ये मजबूती तभी बनी रहती है जब आप उन्हें एक्टिव रखते हैं.

क्या है 15-मिनट का रूल?
अगर आप जोड़ों या कूल्हों में हल्का दर्द महसूस करते हैं, तो भारी एक्सरसाइज के बजाय दिन में सिर्फ 15 मिनट पैदल चलने की आदत डालें. ये छोटा सा ब्रेक आपके शरीर के लिए 'रिपेयरिंग सिग्नल' की तरह काम करता है.

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जैसे ही आप चलना शुरू करते हैं, जोड़ों पर पड़ने वाला हल्का दबाव शरीर के रिसेप्टर्स को एक खास संदेश भेजता है. ये संदेश मिलते ही शरीर 'सेल्फ-हीलिंग मोड' में आ जाता है, जिससे पुराने डैमेज टिश्यूज रिपेयर होने लगते हैं और नए टिश्यूज बनने लगते हैं. इसका मतलब साफ है कि जितना आप चलेंगे, आपके जोड़ उतने ही अंदरूनी रूप से जवान और मजबूत बने रहेंगे.

ज्यादा बैठना क्यों है खतरनाक?
डॉ. पॉलिना कहती हैं ज्यादा देर तक बैठे रहने से  

  • कूल्हे के सामने की मांसपेशियां टाइट हो जाती हैं.
  • मसल्स को पूरा मूवमेंट नहीं मिल पाता, जिससे स्ट्रेस और दबाव बढ़ता है.
  • यही खिंचाव धीरे-धीरे गंभीर दर्द का रूप ले लेता है.

ग्लूट्स की ताकत बढ़ाएं
अक्सर जिम या एक्सरसाइज के दौरान आप शरीर के आगे के हिस्से पर ज्यादा ध्यान देते हैं. फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह है कि दर्द कम करने के लिए हमें अपने हिप्स के पीछे की मसल्स यानी ग्लूट्स को मजबूत करना चाहिए. 

अपने वर्कआउट में ऐसी एक्सरसाइज शामिल करें जो शरीर के पिछले हिस्से को मजबूती दें. रिसर्च बताती है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं की बॉडी 'फ्रंट-डॉमिनेटेड' होती है, इसलिए उन्हें अपने ग्लूट्स (पीछे की मसल्स) की ट्रेनिंग पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए.

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