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Omicron: भारत में कब थमेगा कोरोना का कहर? बढ़ते मामलों के बीच आई राहत की खबर

Omicron: एक एक्सपर्ट ने दावा किया है कि आने वाले हफ्तों में कोरोना के मामलों में भारी उछाल आएगी, लेकिन ओमिक्रॉन के कारण आई तीसरी लहर में तेज गिरावट भी देखने को मिलेगी, जैसा कि दक्षिण अफ्रीका में हुआ है.

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Omicron: कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच खुशखबरी, एक्सपर्ट ने बताया कब थमेगा तबाही का दौर (Photo: Reuters) Omicron: कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच खुशखबरी, एक्सपर्ट ने बताया कब थमेगा तबाही का दौर (Photo: Reuters)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • भारत में आई तीसरी लहर में तेज गिरावट का दावा
  • दक्षिण अफ्रीका की तरह तेजी से नीचे जाएंगे मामले

भारत में कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच एक राहत की खबर सामने आई है. एक एक्सपर्ट ने दावा किया है कि आने वाले हफ्तों में कोरोना के मामलों में भारी उछाल आएगी, लेकिन ओमिक्रॉन के कारण आई तीसरी लहर में तेज गिरावट भी देखने को मिलेगी, जैसा कि दक्षिण अफ्रीका में हुआ है.

एक्सपर्ट ने यह दावा देश में कोरोना के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच किया है. सोमवार को देश में 1.79 लाख संक्रमितों की पुष्टि हुई है और पॉजिटिविटी रेट उछलकर 13 प्रतिशत पर पहुंच गया है. राजधानी दिल्ली में लगातार दो दिनों से 20,000 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं. महाराष्ट्र का हाल भी कुछ ऐसा ही है. रविवार को यहां 44,000 से ज्यादा मामले देखे गए हैं, जबकि मुंबई ने 19,00 से ज्यादा मामले दर्ज किए.

जनवरी में पीक के बाद घटेंगे केस

बीएलके हॉस्पिटल में रेस्पिरेटरी डिसीज के एचओडी डॉ. संदीप नायर ने न्यूज एजेंसी एएनआई के हवाले से कहा कि देशभर में पिछले 8-9 दिन से कोरोना के मामले तेजी से बढ़े हैं. दिल्ली और मुंबई में दर्ज हुए मामलों की संख्या 4 से 5 गुना ज्यादा है. ताजा मामलों को देखते हुए कोरोना के जनवरी में पीक पर जाने की संभावना है. ऐसी उम्मीद है कि कोरोना की लहर के पीक पर जाने के बाद दक्षिण अफ्रीका की तरह यहां भी संक्रमण के मामलों में तेजी से गिरावट आएगी. दक्षिण अफ्रीका में संक्रमितों की संख्या अचानक से बढ़ने के बाद एकदम से कम हुई थी.

डॉ. नायर ने सुझाव दिया कि कोरोना के इस संकट काल में कोविड के प्रति उपयुक्त व्यवहार बहुत जरूरी है. नायर ने कहा, 'डेल्टा, ओमिक्रॉन या कोरोना के किसी भी वैरिएंट के खिलाफ एहतियात बरतना सबसे ज्यादा जरूरी है. इसमें सोशल डिस्टेंसिंग, हाथों की सफाई, मास्क पहनना और वैक्सीनेट होने जैसी बातें शामिल हैं. अब तक ऐसा कोई इलाज मौजूद नहीं है जो बीमारी से 100 फीसद सुरक्षा प्रदान कर सके. केवल रोकथाम ही हमें बीमारी से बचा सकती है.'

उन्होंने कहा, 'हम अब वैक्सीनेट भी हो रहे हैं. 15 से 18 साल के बच्चों को भी वैक्सीन दी जा रही है. देश में बूस्टर डोज लगाने पर भी चर्चा हो रही है. भारत अभी सही दिशा में चल रहा है. वैक्सीन बीमारी को गंभीर रूप लेने से रोक सकती है. हमने पोलियो और स्मॉलपॉक्स जैसी खतरनाक बीमारियों को इसी तरह वैक्सीनेशन से हराया था. इस वक्त कोरोना के खिलाफ वैक्सीनेशन बहुत जरूरी हो गया है.'

 

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