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Omicron Immunity: फ्री में इम्यूनिटी बढ़ाने का ये है सबसे आसान तरीका, एक रुपया भी नहीं करना होगा खर्च

एक्सपर्ट के मुताबिक, इम्यूनिटी को मजबूत करके कोविड 19 वायरस के विभिन्न वैरिएंट्स से बचा जा सकता है. इसके लिए इम्यूनिटी बढ़ाने के तरीके अपनाने चाहिए और इम्यूनिटी बढ़ाने वाले फूड का भी सेवन करना चाहिए. इम्यूनिटी बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका क्या है, इस बारे में आर्टिकल में जानेंगे.

(Image Credit : Pixabay) (Image Credit : Pixabay)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • इम्यूनिटी बढ़ाकर कोविड 19 वायरस से बचा जा सकता है
  • इम्यूनिटी बढ़ाने के कई तरीके हैं
  • इम्यूनिटी बढ़ाने का एक प्राकृतिक तरीका भी है

ओमिक्रॉन (Omicron) सहित कोविड-19 के अलग-अलग वैरिएंट से बचने के लिए जहां मास्क लगाने, हाथ सैनिटाइज करने, सोशल डिस्टेंसिंग रखने आदि पर ध्यान दिया जा रहा है, वहीं कुछ लोग अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली / इम्यूनिटी (Immunity) को बढ़ाने में लगे हुए हैं. एक्सपर्ट के मुताबिक, कोरोनावायरस को से बचे रहने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता / इम्यूनिटी (Immunity) का मजबूत होना काफी आवश्यक है. इसके लिए इम्यून सिस्टम मजबूत करने की एक्सरसाइज कर रहे हैं और इम्यून सिस्टम मजबूत करने के तरीके भी अपना रहे हैं. 

इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए कुछ लोग सप्लीमेंट पर भी पैसे खर्च कर रहे हैं. लेकिन इम्यूनिटी बढ़ाने का एक रास्ता और भी है, जिसके लिए आपको एक रूपया भी खर्च करने की जरूरत नहीं होगी. यह इम्यूनिटी बढ़ाने का सबसे अच्छा और प्राकृतिक तरीका है और कई भी इम्यूनिटी को नेचुरल तरीके से बढ़ाने के लिए इस तरीके को अपना सकता है.

इम्यूनिटी बढ़ाने का प्राकृतिक तरीका

(Image Credit : Pexels)

इम्यूनिटी को नेचुरल तरीके से बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका है ‘सूरज की रोशनी’ (Sunlight). सूरज की रोशनी में बैठकर इम्यूनिटी को बढ़ाया जा सकता है. जब त्वचा सूरज की रोशनी के संपर्क में आती है तो वह शरीर में जमे कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) से विटामिन डी बनाती है जिससे शरीर में विटामिन डी की कमी पूरी होती है और इम्यून सिस्टम मजबूत होता है. यह बात तो सभी जानते ही हैं कि मजबूत इम्यून सिस्टम, कोरोना संक्रमण के विभिन्न रूपों और अन्य बीमारियों से लड़ने में कितनी मदद करता है. 

भारत के करीब 70-90% लोगों में Vitamin D की कमी होती है. जिन लोगों में विटामिन डी की कमी होती है, उनकी इम्यूनिटी भी कमजोर होती है. अगर कोई Vitamin D की कमी को पूरी करने के लिए पर्याप्त सूरज की रोशनी लेता है, तो उसकी इम्यूनिटी बढ़ जाती है.

Vitamin D की कमी से ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis), कैंसर (Cancer), डिप्रेशन (Depression), मसल्स कमजोरी (Muscle weakness) जैसी कई हेल्थ प्रॉब्लम हो सकती हैं. 

विटामिन डी की आवश्यकता

रिसर्च बताती हैं कि केवल कुछ ही ऐसे फूड हैं, जिनमें विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा होती है. जैसे कॉड लिवर ऑयल (Cod liver oil), स्वोर्डफिश (Swordfish), सैल्मन (Salmon), टूना (Tuna), अंडे की जर्दी (Egg yolks),मशरूम (Mushrooms). लेकिन इनसे Vitamin D प्राप्त करने के लिए रोजाना इनके सेवन की जरूरत होगी. आज की बिजी लाइफ में रोजाना इन फूड्स का सेवन करना मुश्किल हो सकता है, इसलिए फूड के अलावा सूरज की रोशनी लेना काफी जरूरी हो जाता है.

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के मुताबिक, इंडिया में 600-800 IU विटामिन डी की आवश्यकता होती है. डेस्क जॉब करने वाले लोग भी आवश्यक रूप से सूरज की रोशनी जरूर लें. 

यह भी ध्यान रखें कि जो लोग खिड़की के कांच से प्रवेश करने वाली सूरज की रोशनी लेते हैं, उनमें भी विटामिन डी की कमी होने का खतरा होता है, इसलिए सीधे सूरज की रोशनी में बैठना जरूरी है.

इस समय ले सकते हैं सूरज की रोशनी

(Image Credit : Pixabay)

पर्याप्त Vitamin D प्राप्त करने के लिए नियमित रूप से सूर्य की रोशनी लेना सबसे अच्छा प्राकृतिक तरीका है. शरीर में अच्छा ब्लड लेवल बनाए रखने के लिए हर हफ्ते कम से कम 30 मिनट सूरज की सीधी रोशनी जरूर लें. 

एक्सपर्ट बताते हैं कि सुबह सर्दियों में तो दोपहर की धूप ली जा सकती है. सर्दियों में दोपहर का समय Vitamin D प्राप्त करने का अच्छा समय हो सकता है, क्योंकि सूर्य की रोशनी की गर्माहट अधिक होती है, जिससे धूप में कम समय रहने की आवश्यकता हो सकती है. लेकिन गर्मी में दोपहर की धूप न लें. गर्मियों में सुबह 8-10 बजे की गुनगुनी धूप ले सकते हैं. 
 
सूरज की रोशनी से Vitamin D बनाने की क्षमता को दिन का समय, त्वचा का रंग, भूमध्य रेखा से दूरी, कितनी त्वचा सूरज की रोशनी में रखते हैं, सनस्क्रीन लगाना आदि कारक प्रभावित कर सकते हैं. उदाहरण के लिए, जो लोग भूमध्य रेखा से दूर रहते हैं, उन्हें आमतौर पर अधिक धूप की आवश्यकता होती है, क्योंकि इन क्षेत्रों में सूर्य की यूवी किरणें कमजोर होती हैं.

इसलिए अलग-अलग लोगों में विटामिन डी की मात्रा और जरूरत बदल सकती है. अधिक जानकारी के लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.

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