क्या आप कभी अपने आस-पास की दुनिया में होने वाली हर चीज़ से पूरी तरह अलग होने के दौर से गुज़रे हैं? जुनून या उत्साह की भावनाओं के विपरीत, उदासीनता का अर्थ एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति भावनाओं से रहित महसूस करता है. जब आपके भीतर एक पूर्ण जीवन जीने की इच्छा की कमी होती है, तो यह उदासीनता सीधे आपके मोटिवेशन लेवल को प्रभावित कर सकती है, जिससे आप नीरसता से भरा जीवन जी सकते हैं. ये उदासीन होने के लक्षण हैं. ये आपके मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव डालता है.
क्या है उदासीनता (Apathy)?
उदासीनता कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक लक्षण या एक अवस्था है, जहां एक व्यक्ति उदासी, खुशी या जलन जैसी किसी भी भावनाओं को दिखा नहीं पाता है. इसमें व्यक्ति अपने आस-पास के लोगों या स्थितियों से कटा हुआ दिखाई दे सकता है और अतीत में रहने के चलते दिनचर्या की गतिविधियों में जुड़ नहीं पाता.
उदासीनता के लक्षण
रोजमर्रा के जीवन और सेहत को प्रभावित कर सकती है उदासीनता
अत्यधिक तनाव के समय उदासीनता की भावनाएं बढ़ जाती हैं लेकिन ऐसा लगातार रहे, तो यह आपके रोजमर्रा के जीवन और सेहत को प्रभावित करना शुरू कर सकता है. यह कुछ चिकित्सीय या मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों का परिणाम भी हो सकता है, जिनका ठीक से इलाज न किया जाए तो उदासीनता और बदतर हो सकती है.
उदासीनता के कारण क्या हैं?
उदासीनता किसी स्पष्ट कारण से नहीं हो सकती है, लेकिन ये जिंदगी की किसी स्थितियों के कारण हो सकती है. कोई व्यक्ति किसी खास मानसिक या शारीरिक स्वास्थ्य स्थिति से गुजर रहा हो सकता है. ये निम्न कारणों से हो सकता है.
यानी उदासीनता कोई बीमारी नहीं बल्कि ये किसी बीमारी या किसी स्थिति की ओर इशारा करता है, जिसकी पहचान कर इलाज जरूरी है. ये किसी मानसिक स्थिति या शारीरिक बीमारी के चलते तनाव या इससे जुड़ी कई स्थितियों का मिश्रण हो सकता है.
उदासीनता का इलाज कैसे किया जाता है?